एंड्राइड क्या है और इसका इतिहास | What is Android in Hindi?

नमस्कार दोस्तों टेक्निकल स्किल्स अप में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज हम आपको एंड्रॉयड के बारे में बताएंगे (What is Android in Hindi) एंड्राइड क्या है। एंड्राइड कैसे काम करता है। यह किस प्लेटफॉर्म पर काम करता है। एंड्राइड का इतिहास क्या है, और एंड्रॉयड का भविष्य क्या है। इसे यूज करने के फायदे क्या है तथा नुकसान क्या है। यह सारी जानकारी हम आज आपको इसआर्टिकल के माध्यम से हिंदी में बताएंगे। वैसे यह आर्टिकल उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा जिनको एंड्रॉयड के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। तो आज हम एंड्राइड के बारे में विस्तार में इस आर्टिकल में सारा कुछ बताएंगे अधिक जानकारी के लिए कृपया इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें

वैसे बहुत सारे लोगों को स्मार्टफोन कंप्यूटर और लैपटॉप के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रहती है। हम यही कोशिश करेंगे हैं। अपने आर्टिकल के माध्यम से हिंदी में लोगों तक इन सभी के बारे में जानकारी पहुंचा सके अगर आप टेक्नोलॉजी से रिलेटेड और कुछ जानना चाहते हैं तो कमेंट सेक्शन में कमेंट कर जरूर बताएं।  हम उस पर भी हिंदी में आर्टिकल लिखने की कोशिश करेंगे और आप लोगों की सहायता करेंगे।

Android Kya Hai | What is Android in Hindi (एंड्राइड क्या है?)

एंड्राइड कोई स्मार्टफोन या कोई ऐप नहीं है यह गूगल द्वारा बनाया गया ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह (Linux Kernel) लिनक्स कर्नेल पर काम करता हे। अगर सरल  शब्दों में तो हूं तो लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह सरवर और डेस्कटॉप कंप्यूटर पर काम करता है। एंड्राइड बस एक बर्जन है जिसे लिनक्स पर डिजाइन किया गया। इसको विशेष रूप से स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए बनाया गया है। मुख्य रूप से यह स्मार्टफोन और टैबलेट पर काम करता है।

विकिपीडिया के अनुसार एंड्राइड 2011 से स्मार्टफोन और 2013 के बाद से टैबलेट और दुनिया भर में बेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम रहा है। फिलहाल में इसके दो करोड़ से ज्यादा यूजर हैं।  इसका 75% मार्केट पर कब्जा है यह ऑपरेटिंग सिस्टम के आधार पर सबसे बड़ा है। अन्य प्लेटफार्म जैसे iOS और Desktop की तुलना में Android पर बहुत ज्यादा यूजर हैं।

एंड्राइड का इतिहास | History of Android in Hindi

सबसे पहले इसे एंड्राइड आईएनसी (Android Inc) द्वारा बनाया गया था। इसकी स्थापना 2003 में एंडी रुबिन (Andy Rubin) ने की थी। इसके बाद 2005 के गूगल ने खरीद लिया। इसके बाद 2007 में लांच किया था। एंडी रुबिन द्वारा स्थापित Android एक ओपन सोर्स (Open Source Plateform) प्लेटफॉर्म है।

इसे Open Handset Allince में सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दिग्गजों द्वारा समर्थित किया जाता है। जिसमें गूगल (Google) सैमसंग (Samsung) नोकिया (Nokia) लेनोवो (Lenovo), etc.

एंड्रॉइड वर्जन क्या है? | Versions of Android in Hindi

दोस्तों कुछ समय पहले आपने एंड्राइड के कुछ फेमस (Versions) के नाम सुने होंगे। जैसे एंड्राइड किटकैट, एंड्रॉयड लॉलीपॉप,और एंड्रॉइड नौगट, etc. इस आर्टिकल में हम आपको एंड्राइड के सभी वर्जन के बारे में डिटेल में बताएं।

Android Versions List

  • Android Version 1.0 Alpha
  • Android Version 1.1 Beta
  • Android Version 1.5 Cupcake
  • Android Version 1.6 Donut
  • Android Version 2.0 – 2.1 Eclair
  • Android Version 2.2 – 2.2.3 Froyo
  • Android Version 2.3 – 2.3.7 Gingerbread
  • Android Version 3.0 – 3.2.6 Honeycomb
  • Android Version 4.0 – 4.0.4 Ice Cream Sandwich
  • Android Version 1 – 4.3.1 Jelly Bean
  • Android Version 4.4 – 4.4.4 Kitkat
  • Android Version 5.0 – 5.1.1 Lollipop
  • Android Version 6.0 – 6.0 Marshmallow
  • Android Version 7.0 Nougat
  • Android Version 8.0 – 8.1 Oreo
  • Android Version 9. 0 Pei
  • Android Version 10 (Q)
  • Android Version 11

Android Versions Details

  1. Android Version 1.0 Alpha:0 Alpha एंड्राइड द्वारा सबसे पहले लॉन्च किए जाने वाला एंड्राइड वर्जन है। जिसे 23 दिसंबर 2008 को रिलीज किया गया था।
  2. Android Version 1.1 Beta:1 Beta वर्जन 9 फरवरी 2009 को रिलीज किया गया था। इसमें मैसेंजर के अटैचमेंट को सेव करने की सुविधा को जोड़ा गया था।
  3. Android Version 1.5 Cupcake:5 Cupcake 27 अप्रैल 2009 को रिलीज हुआ था। इसके अंदर आपको Text की फैसिलिटी है Navigation ऐड किया गया था।
  4. Android Version 1.6 Donut:6 Donut 15 सितंबर 2009 को रिलीज किया गया था। जिसमे Speak Text का Option यानि आप बोल के Text लिख सकते थे
  5. Android Version 2.0 – 2.1 Éclair:1 Eclair 26 अक्टूबर 2009 को रिलीज किया गया। इसमें (Bluetooth) ब्लूटूथ का ऑप्शन पहली बार देखने को मिला था। इसके अलावा कैमरा (Camera) फ़्लैश (Flash) और ज़ूमिंग (Zooming) का ऑप्शन ऐड किया गया था।
  6. Android Version 2.2 – 2.2.3 Froyo:3 Froyo 20 मई 2010 में रिलीज हुआ था। इस वर्जन में आप को क्लीन और ऑप्टिमाइजेशन का ऑप्शन दिया गया था।
  7. Android Version 2.3 – 2.3.7 Gingerbread:7 Gingerbread 6 दिसंबर 2010 को रिलीज किया गया था। स्काइप (Skype) का ऑप्शन ऐड किया था जिसके अंदर एक दूसरे से कॉल कर सकते थे।
  8. Android Version 3.0 – 3.2.6 Honeycomb:6 Honeycomb 22 फरवरी 2011 को लांच किया गया था। जो सबसे पहले टैबलेट में आया था।

Version After 4.0

  1. Android Version 4.0 – 4.0.4 Ice Cream Sandwich:4 Ice Cream Sandwich 18 अक्टूबर 2011 को लांच किया गया था। यह Version Ice-cream Sandwich मोबाइल के लीये डिज़ाइन किया गया था।
  2. Android Version 4.1 – 4.3.1 Jelly Bean:1 Jelly Bean 9 जुलाई 2012 को रिलीज किया गया था। इसमें Smart Touch का ऑप्शन देखने को मिला।
  3. Android Version 4.4 – 4.4.4 Kitkat:4 Kitkat 31 अक्टूबर 2013 को लांच किया गया। इस में HD +, Emoji जैसे कई और फ्यूचर Add किये गए।
  4. Android Version 5.0 – 5.1.1 Lollipop:1 Lollipop 12 नवंबर 2014 को रिलीज किया गया था। जिसका नाम लॉलीपॉप रखा गया। इसमें Colorful Interface और Multitasking ऑप्शन और Home स्क्रीन में ही Notifications देखने का ऑप्शन दिया गया।
  5. Android Version 6.0 – 6.0 Marshmallow:0 Marshmallow 5 अक्टूबर 2015 को रिलीज किया गया था। इसमें Good Security के साथ गूगल सेटिंग एक ही जगह पर दिया गया था। और Cut & Pest का ऑप्शन दिया गया।

Version After 7.0

  1. Android Version 7.0 Nougat:0 Nougat 22 अक्टूबर 2016 को लांच किया गया था। साथ ही1.0 – 7.1.2 Version को 4 ऑक्टूबर 2016 को Release किया गया।
  2. Android Version 8.0 – 8.1 Oreo:0 – 8.1 Oreo 5 दिसंबर 2017 को रिलीज किया गया था। इसे पहले कुछ ही डिवाइस में यूज़ कर सकते थे। बादमे उसे सभी SmartPhone के लिए उपलब्ध किया गया था।
  3. Android Version 9.0 Pie:0 Pie 6 अगस्त 2018 को लांच किया गया। अगर आपके पास Pixel का SmartPhone हो तो आप सभी Update का इस्तेमाल आसानी से कर सकते है।
  4. Android Version 10 (Q):Android 10 इसको पहले क्यू (Q) के नाम से जाना जाता था। यह 3 सितम्बर 2019 को लांच किया गया।ssss

यह भी पढ़ें:-  

निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तों मैंने इस आर्टिकल में एंड्राइड की सारी जानकारी दी है। एंड्राइड क्या है (What is Android in Hindi) एंड्राइड का फ्यूचर क्या है। एंड्राइड का भविष्य क्या है तथा एंड्राइड के सभी वर्जन के बारे में डिटेल में जानकारी दी है। अगर आपको हमारा आर्टिकल पढ़कर अच्छा लगा हो तो कमेंट सेक्शन में कमेंट कर जरूर बताये। अगर आप इसी तरीके से और आर्टिकल से अन्य किसी जानकारी को लेना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं।

आज के आर्टिकल में बस इतना ही अगर आपको हमारी जानकरी पसंद आई हो तो कृपाया अपने दोस्तों को शेयर करना ना भूले।…

FAQs

Q1. एंड्राइड क्या है?

Ans: ““एंड्राइड एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह एक बेहतरीन Mobile Operating System है जिसे Google द्वारा बनाया गया है।

Q2. एंड्राइड का इतिहास क्या है?

Ans: एंड्राइड की शुरुआत साल 2003 में Android Inc के निर्माता ऐंडी रूबीन ने की थी जिसे सन 2005 में Google ने इस कंपनी को खरीद लिया था।

Q3. एंड्राइड के अविष्कारक कौन है?

Ans: एंड्राइड मोबाइल का आविष्कार 3 लोगों ने Andy Rubin, Nick Sears,और Rich Miner ने 23 सितम्बर 2008 को किया था।

Q4. एंड्रॉयड का लेटेस्ट वर्जन कौन सा है?

Ans: एंड्रॉयड का लेटेस्ट वर्जन “Android Beta 14” अभी तक 2023 का नवीनतम एंड्राइड संस्करण है।

Q5. एंड्रॉइड बनाम आईओएस

Ans: एंड्रॉइड अब दुनिया का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला स्मार्टफोन प्लेटफॉर्म है और इसका उपयोग कई अलग-अलग फोन निर्माताओं द्वारा किया जाता है। आईओएस का उपयोग केवल आईफोन जैसे ऐप्पल डिवाइस पर किया जाता है।

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DO-Follow-Backlink Do-Follow backlinks वो backlinks होते हे जिनको सर्च इंजन के क्रॉलर क्रॉल करते हे। जो हमारी वेबसाइट की रैंक को SERP टॉप पर लाने में मदद करता हे। इससे हमारे ब्लॉग या वेबसाइट की Authority Improve होती हे। इसलिए वेबसाइट या ब्लॉग का Off Page SEO करते समय Do-Follow backlinks ज्यादा क्रिएट करने चाहिए। DO-Follow Attribute <a href= “https://www.technicalskillsup.com/”>Technical Skills Up </a> 2. No-Follow-Backlink No-Follow Backlinks वह links होते हैं जो हमें अन्य website से मिल रही है। जिस वेबसाइट में No-follow का tag लगा देते हे। उन वेबसाइट से हमें No-follow बैकलिंक मिलता हे। जब किसी बैक लिंक में No-follow tag लगा देते हे तो सर्च इंजन के क्रॉलर उस लिंक को क्रॉल नहीं करते हे। No-follow Backlinks से हमारी वेबसाइट को कोई वैल्यू नहीं मिलती हे। इनसे केवल वेबसाइट पर ट्रैफिक आसकता हे। इसलिए वेबसाइट के लिए No-Follow Backlinks काम क्रिएट करने चाहिए। No-Follow Attribute <a href=”https://www.technicalskillsup.com/” rel=”nofollow”>Technical Skills Up</a> 3. Sponsored Backlink जब हम किसी वेबसाइट Paid Link क्रिएट करते हे। तो हम उससे Backlink में Sponsored का टैग लगाने के लिए कहते हे। इसी को Sponsored Backlink कहते हैं। Sponsor Backlink अधिकतर गेस्ट पोस्ट के माध्यम से क्रिएट करते हे। Sponsored attribute <a href=”https://www.technicalskillsup.com/” rel=”sponsored”>Technical Skills Up</a> 4. UGC Backlink User Generated Content (UGC) का पूरा नाम या फुल फॉर्म होता हे। इस attribute का इस्तेमाल यूजर द्वारा बनाये गए या कमेंट में ऐड किये गए बैकलिंक के लिए किया जाता हे। जब हम किसी ब्लॉग की पोस्ट पर कमेंट करते हे। तो उसमे By Default UGC attribute ऐड हो जाता हे। UGC attribute <a href=”https://www.technicalskillsup.com/” rel=”ugc”>Technical Skills Up</a> Backlinks क्रिएट के फायदे | Benefits of Backlinks Create हमें अपने ब्लॉग या वेबसाइट के बैकलिंक क्रिएट करने से बहुत फायदे होते हे। चाहे हम Dofollow बैकलिंक क्रिएट करे चाहे Nofollow बैकलिंक क्रिएट करते हे। क्वालिटी बैकलिंक क्रिएट करने के फायदे इस तरह हे। Quality बैकलिंक क्रिएट करने से वेबसाइट की रैंक SERP में इम्प्रूव होती हे। वेबसाइट के लिए Quality बैकलिंक क्रिएट करने से Domain की Authority बढ़ती हे। बैकलिंक क्रिएट करने से वेबसाइट पर Referral Traffic बढ़ता हे। Quality बैकलिंक क्रिएट करने से ऑनलाइन मार्किट में आपकी वेबसाइट की रेपुटेशन बढ़ेगी। बिना Paid Promotion किये Website ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। अपनी वेबसाइट के लिए Quality बैकलिंक क्रिएट करने से बुसिने में ग्रोथ होगी। बैकलिंक कैसे बनायें | How to Create Backlink दोस्तों यहाँ तक हमारा यह लेख पढ़कर आप यह तो समझ गए होंगे। बैकलिंक क्या होता हे। बैकलिंक क्रिएट करने के क्या फायदे हे। अब हम आपको बतायेंगे बैकलिंक कैसे क्रिएट करते हे। जब हम अपनी वेबसाइट के लिए Off Page SEO करते हे। ऑफ पेज SEO में बैकलिंक क्रिएट करने के लिए बहुत सारे methods होते हे। हम आपको कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स के बारे में बतायेंगे। ऑफ पेज SEO में बैकलिंक क्रिएट करने के ये टॉप methods हे। आज के समय में Guest Posting बैकलिंक क्रिएट करने का सबसे अच्छा Method हे। Guest Posting Blog Posting Article Submission Social Sharing Bookmarking Submission Classified Posting Quora Submission Image Sharing PDF Submissions Profile Creation, etc. वेबसाइट के बैकलिंक कैसे Check करें जब हम किसी भी वेबसाइट के बैकलिंक चेक करना चाहते हे। तो वेबसाइट के बैकलिंक चेक करने के लिए आज के समय में इंटरनेट पर बहुत सारे tools उपलब्ध हे। टॉप backlink checker tool ये हे। Ahref backlink checker Uber suggest Backlink Checker Moz backlink checker SEMrush Backlink Checker आदि. अगर आप अपनी वेबसाइट के बैकलिंक चेक करना चाहते हैं। अपनी वेबसाइट के बैकलिंक चेक करने के लिए Google Search Console सबसे बढ़िया टूल हे।