Sitemap क्या है और कैसे बनाये | What is Sitemap in Hindi

हेलो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को बताने जा रहे हैं। Sitemap क्या होता है। (What is Sitemap in Hindi)। Sitemap का क्या यूज होता है। हमें अपनी वेबसाइट या ब्लॉग के लिए Sitemap क्रिएट करना क्यों जरूरी है। Sitemap कितने प्रकार के होते हैं। यह सबकुछ आपको इस लेख के माध्यम से विस्तार में बताएंगे। अगर आप Sitemap के बारे में जानना चाहते हैं। तो हमारे साथ इस आर्टिकल पर जुड़े रहे।

Web Pages को प्रॉपर Indexing कराने के लिए Sitemap सभी वेबसाइट के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर आप की वेबसाइट सिंगल पेज वेबसाइट है। उस पर बस एक पेज ही क्रिएट है। तो उसके लिए Sitemap बनाना जरूरी नहीं है। अगर आप अपनी वेबसाइट परपोस्ट डालते रहते हैं। तो आपको अपनी वेबसाइट के लिए Sitemap बनाना बहुत जरूरी है।

Sitemap Kya Hai | What is Sitemap in Hindi (Sitemap क्या है?)

हम जो Sitemap क्रिएट करते हैं। यह दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें साइट का मतलब वेबसाइट से होता है। तथा मैप का मतलब नक्शा से होता है। इन दो अक्षरों से मिलकर Sitemap बना है।

जब हम अपनी वेबसाइट का साइटमैप क्रिएट करते हैं। Sitemap हमारी वेबसाइट का जितने भी URLs है। उनको कैटिगरी वाइज एक Structure मैं ऐड कर देता है। जिससे हमारी वेबसाइट पर जब गूगल के Crawler आते हैं। Google Boats को हमारे वेबसाइट पेज के सभी यूआरएल एक जगह ही मिल जाते हैं। जिससे वह हमारे सभी वेब pages को आसानी से Crawl कर देते हैं। इसलिए हम अपनी वेबसाइट के लिए Sitemap में बनाते हैं। अगर हम अपनी वेबसाइट के लिए Sitemap क्रिएट नहीं करेंगे। तो गूगल के क्रॉलर हमारे पेज को क्रॉल करने में बहुत ज्यादा समय लेंगे। और एक साथ सारे pages को crawl नहीं कर पाएंगे।

अगर आप अपनी वेबसाइट के pages को समय से गूगल में क्रॉल कराना चाहते हैं। तो आपको अपनी वेबसाइट के लिए Sitemap क्रिएट जरूर करना चाहिए। अगर आप साइटमैप क्रिएट नहीं करेंगे। तो आप अपने वेबसाइट के पेजेज को गूगल में जल्दी और आसानी से क्रॉल नहीं करा पाएंगे। इसलिए वेबसाइट के लिए Sitemap क्रिएट करना बहुत जरूरी है।

साइटमैप वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी होता है | Why Sitemap is Important for a Website

यहां तक हमारा यह आर्टिकल पढ़कर आप साईटमैप के बारे में थोड़ा बहुत तो समझ ही गए होंगे। अब आपको एक उदाहरण के साथ इसके बारे में और डीपली समझाते हैं।

जैसा कि हम किसी मेट्रो सिटी में रहते हैं। और मेट्रो से इधर-उधर सफर करते रहते हैं। अगर हमको मेट्रो के रूट का ही नहीं पता होगा। तो हम किसी जगह पर जाना चाहते हैं। उस जगह का हमें मेट्रो रूट ही नहीं पता। तो हमें उस जगह पर जाने में बहुत परेशानी होगी तथा टाइम भी ज्यादा लगेगा।

उसी तरीके से गूगल के Crawler होते हैं। जब हम अपनी वेबसाइट का कोई साइटमैप नहीं क्रिएट करते हैं। उसी तरीके से गूगल के क्रॉलर को हमारी वेब पेज के यूआरएल एक जगह नहीं मिलेंगे। तो क्रॉलर को हमारे वेब पेज को क्रॉल करने में ज्यादा समय लगेगा। इसलिए वेबसाइट के पेज को जल्दी और समय से क्रॉल कराने के लिए Sitemap क्रिएट करना जरूरी है।

जिस तरीके से हमें मेट्रो में सफर करने के लिए मेट्रो के रूट का मैप हमारे पास होना जरूरी है। उसी तरीके से वेबसाइट के पेज को क्रोल कराने के लिए गूगल के क्रॉलर के पास भी हमारी वेबसाइट का sitemap होना बहुत जरूरी है। अन्यथा दोनों कामो समय ज्यादा लगेगा।

साईटमैप के प्रकार | Types of Sitemap in Hindi

अगर Sitemap की बात करें तो यह मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।

  • XML Sitemap
  • HTML Sitemap

1. XML Sitemap

जब हम अपनी वेबसाइट के लिए XML Sitemap क्रिएट करते हैं। तो यह साइटमैप हमें सर्च इंजन crawlers के लिए क्रिएट करना पड़ता है। जब हम अपनी वेबसाइट के लिए XML Sitemap क्रिएट कर देते हैं। उसके बाद गूगल के crawlers और Boats जब हमारे Sitemap पर आते हैं। तो crawlers को हमारी वेबसाइट के सारी posts के URLs कैटिगरी वाइज एक जगह मिल जाते हे। सारे URLs एक साथ मिलने की वजह से गूगल के crawlers और Boats हमारे वेब पेज और पोस्ट को जल्दी और आसानी से Index और Crawl कर देते हैं। इसलिए हमें अपनी वेबसाइट के लिए XML Sitemap क्रिएट करते हैं।

2. HTML Sitemap

HTML Sitemap यूजर के लिए बनाया जाता है। जितने भी यूजर वेबसाइट पर आते हैं। वेबसाइट पर आने के बाद वह किसी पेज पोस्ट या कैटिगरी के के बारे में जानना चाहते हैं।बह अपनी जरूरत के अनुसार वेबसाइट पर आकर पोस्ट या पेजेज आसानी से खोज सकता है। उससे रिलेटेड पोस्ट पढ़कर अपनी प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकता है। इसलिए HTML Sitemap यूजर्स के लिए होता है।

जब हमारी वेबसाइट पर Header और futter सेक्शन या साइडबार सही से नहीं बने होते हैं। यूजर को आपकी वेबसाइट पर अपनी जरूरत के अनुसार पोस्ट या पेज सर्च करने में प्रॉब्लम होती है। इस कंडीशन में यूजर आपकी वेबसाइट से एग्जिट हो जाता हे। यूजर को वेबसाइट से जल्दी एग्जिट होने पर वेबसाइट का बाउंस रेट बढ़ता हे। ज्यादा बाउंस रेट सर्च इंजन के लिए सही नहीं होता हे। इससे हमारी वेबसाइट पर नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ता हे।

इसलिए वेबसाइट में हैडर और फुटर सेक्शन सही से बने होने चाहिए। जिससे यूजर को आपके साइट पर कुछ भी सर्च करने में प्रॉब्लम न हो।

XML Sitemap कैसे बनायें | How to Create XML Sitemap

यहां तक हमारा यह लेख पढ़कर आप समझ गए होंगे साइटमैप क्या है। चलो अब यह जानते हैं XML Sitemap कैसे क्रिएट करते हैं।

  • अगर आपने अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को वर्डप्रेस पर बनाया है। तो वर्डप्रेस के कई Plugin है। जो आपकी वेबसाइट या ब्लॉग में क्रिएट कर देते हैं। जैसे:- Yoast, Rank Math इत्यादि।
  • अगर आपका ब्लॉग ब्लॉगर पर है। आप उसके लिए XML Sitemap क्रिएट करना चाहते हैं। तो आपको गूगल पर XML Sitemap Generator सर्च करना होगा। जब आप XML Sitemap Generator सर्च इंजन में सर्च करेंगे। तो इस से रिलेटेड आपको बहुत सारी साइट सर्च इंजन में दिख जाएंगे। आप उन सब वेबसाइट पर अपने ब्लॉग का यूआरएल सम्मिट करके अपने ब्लॉक के लिए XML Sitemap Generate कर सकते हैं।
  • यह लेख पढ़ने के बाद भी अगर आपको XML Sitemap क्रिएट करने में कोई प्रॉब्लम आ रही है। तो आप हमारे इस लेख को पढ़ सकते हैं। हमने इस लेख में XML Sitemap Generate करने के बारे में विस्तार से बताया हे।

XML Sitemap Generate करने वाली कुछ महत्वपूर्ण websites यह है।

  • https://www.xml-sitemaps.com/
  • https://www.mysitemapgenerator.com/
  • https://smallseotools.com/xml-sitemap-generator/
  • https://www.seoptimer.com/sitemap-generator
  • https://www.seoptimer.com/sitemap-generator

अपने ब्लॉग और वेबसाइट के साइटमैप को कैसे देखे | How to See Sitemap of Your Blog and Website

अगर आप किसी भी वेबसाइट या ब्लॉक का Sitemap चेक करना चाहते हैं। तो आपको उस डोमेन के आगे sitemap.xml या sitemap_index.xml लिखना पड़ेगा जैसे:- https://websitename.com/sitemap.xml या https://websitename.com/sitemap_index.xml इन तरीको से चेक कर सकते हे।

साइटमैप के लाभ | Benefits of Sitemap

  • साइटमैप में हमारी वेबसाइट के सारे URLs एक साथ रहते है। जिससे सर्च इंजन क्रॉलर्स को हमारी वेबसाइट के सारे पेज एक साथ मिल जाते हे। जिससे सर्च इंजन क्रॉलर्स हमारी वेबसाइट को सही समय से इंडेक्स करते रहते हैं।
  • जब हम अपनी वेबसाइट के किसी पेज में कुछ अपडेट करते है। और बह पेज जितनी जल्दी इंडेक्स होगा। जिससे हमारी वेबसाइट की रैंक अप होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • जब हम अपनी वेबसाइट पर कोई नया पेज क्रिएट करते है। उसी समय साइटमैप सर्च इंजन के क्रॉलर्स को अपडेट करता है। जिससे हमारा वेब पेज जल्दी से इंडेक्स हो जाता है।

यह भी पढ़ें:-  

निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तो आशा करता हूं, हमारा यह आर्टिकल पढ़कर आप लोगों को What is Sitemap in Hindi संपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। अगर आप Sitemap बारे में और कुछ जानना चाहते हैं। तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करके हमें पूछ सकते हैं। अगर हमारा आर्टिकल पढ़कर आपको सही जानकारी मिली हो। तो हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। ऐसे ही इनफॉर्मेटिव आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद!

FAQs:

Q1. SEO में साईटमैप क्या होते हैं?

Ans: “अगर आपने अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को वर्डप्रेस पर बनाया है। तो वर्डप्रेस के कई Plugin है। जो आपकी वेबसाइट या ब्लॉग में क्रिएट कर देते हैं। जैसे:- Yoast, Rank Math इत्यादि। अगर आपका ब्लॉग ब्लॉगर पर है। तो आप इन वेबसाइट के माध्यम से से generate कर सकते हे। जैसे: https://www.xml-sitemaps.com/, etc.

Q2. क्या सभी वेबसाइट के लिए साईटमैप जरुरी होता है?

Ans: Sitemap सभी वेबसाइट के लिए जरूरी नहीं होता है। जिन वेबसाइटों पर बहुत ज्यादा पेजे और पोस्ट होते हैं। उन वेबसाइट के लिए Sitemap Generate करना बहुत जरूरी होता है। अगर आप उन वेबसाइट के लिए Sitemap Generate नहीं करोगे। तो आपके वेबसाइट के पेज और पोस्ट की समय से indexing और crawling नहीं होगी। अगर आपकी वेबसाइट सिंगल पेज की हैं। तो आपको वेबसाइट के लिए Sitemap Generate करने की कोई जरूरत नहीं हे।

Q3. अपने ब्लॉग और वेबसाइट के साइटमैप को कैसे देखे?

Ans: अगर आप किसी भी वेबसाइट या ब्लॉक का Sitemap चेक करना चाहते हैं। तो आपको उस डोमेन के आगे sitemap.xml या sitemap_index.xml लिखना पड़ेगा जैसे:- https://websitename.com/sitemap.xml या https://websitename.com/sitemap_index.xml इन तरीको से चेक कर सकते हे। |

Q4. SEO साइटमैप कितने प्रकार के होते हैं?

Ans: मुख्य रूप से SEO में SITEMAP दो प्रकार के होते हैं। जैसे: HTML और XML ये दो प्रकार हैं।

Q5. वेबसाइट या ब्लॉग का साइटमैप कैसे बनाएं?

Ans: अगर आपने अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को वर्डप्रेस पर बनाया है। तो वर्डप्रेस के कई Plugin है। जो आपकी वेबसाइट या ब्लॉग में क्रिएट कर देते हैं। जैसे:- Yoast, Rank Math इत्यादि। अगर आपका ब्लॉग ब्लॉगर पर है। तो आप इन वेबसाइट के माध्यम से से generate कर सकते हे। जैसे: https://www.xml-sitemaps.com/, etc.

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फॉर्मेट पेश किया। यह .xls से अधिक सुरक्षित और तेज़ था। Excel 2010 और 2013 में इसमें पिवट टेबल्स, पावर पिवट और क्लाउड इंटीग्रेशन जैसी नई सुविधाएँ जोड़ी गईं। आज, के समय में MS Excel 365 संस्करण में AI-सक्षम सुविधाएँ, अपडेटेड डेटा विश्लेषण टूल और ऑनलाइन कोलैबोरेशन की सुविधा मिलती है। MS Excel बिज़नेस, शिक्षा, डाटा एन्ट्री और रिसर्च में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। MS Excel डेटा प्रबंधन के लिए सबसे अधिक यूज़ किया जाने वाला सॉफ्टवेयर बन गया है। Uses of MS Excel in Hindi | MS Excel के प्रमुख उपयोग Microsoft Excel के प्रमुख उपयोगों को विस्तार से समझते हैं। MS Excel का सबसे मुख्य यूज़ डेटा को व्यवस्थित रूप से स्टोर और प्रबंधित करने के लिए किया जाता है। इसका यूज़ बड़ी कंपनियां, स्कूल, और सरकारी संस्थान के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए होता हैं। MS Excel में बहुत प्रकार के गणितीय और सांख्यिकीय फ़ार्मूले उपलब्ध हैं। जैसे: SUM() : डाटा को जोड़ने के लिए AVERAGE() : डाटा का औसत निकालने के लिए IF() – लॉजिक आधारित परिणामों के लिए VLOOKUP() और HLOOKUP() – डेटा को सर्च करने के लिए यह भी पढ़ें: What is Blogging in Hindi MS Excel का यूज़ बड़े डेटा सेट को विश्लेषित करने के लिए किया जाता है। पिवट टेबल (Pivot Table) और चार्ट्स (Charts) की मदद से जटिल डेटा को सरल और समझने योग्य आसानी से बनाया जा सकता है। MS Excel में डेटा को विज़ुअल रूप से प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न प्रकार के चार्ट्स जैसे: बार चार्ट, पाई चार्ट, लाइन ग्राफ़ आदि का यूज़ किया जाता है। Excel का यूज़ वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने और बजट प्रबंधन के लिए किया जाता है। बहुत सारी कंपनियां अपनी बिक्री रिपोर्ट, व्यय (Expenses) और लाभ-हानि का आकलन करने के लिए MS Excel का यूज़ हैं। MS Excel में डेटा को Filter और Sort करने की सुविधा होती है। जिससे डाटा से आवश्यक जानकारी को आसानी से निकाल सकते है। MS Excel का यूज़ दुकानों और वेयरहाउस में स्टॉक और इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए किया जाता है। इसमें उत्पादों की संख्या, मूल्य और बिक्री का रिकॉर्ड रखा जा सकता है। स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में टाइमटेबल और शेड्यूल बनाने के लिए Excel का यूज़ किया जाता है, जिससे सभी कार्यों का सही प्रबंधन हो सके। Key Features of MS Excel in Hindi | एमएस एक्सेल की मुख्य 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मैक्रो रिकॉर्डिंग की सुविधा होती है। यह भी पढ़ें: What is Domain Authority in Hindi डेटा सुरक्षा (Data Security) : Excel में वर्कशीट को पासवर्ड से सुरक्षित करने और डेटा को लॉक करने का फीचर्स होता है। मल्टीपल शीट सपोर्ट (Multiple Sheet Support) : Excel में एक ही वर्कबुक में कई वर्कशीट जोड़ने और डेटा को अलग-अलग व्यवस्थित करने की क्षमता होती है।