What is 404 Error in Hindi | 404 Error क्या है?

नमस्ते दोस्तों! आज हम इस लेख के माध्यम से 404 Error के बारे में विस्तार से जानेंगे। 404 Error क्या होता है(What is 404 Error in Hindi)? इसका फुल फॉर्म क्या है? यह कैसे काम करता है? 404 Error कब और क्यों आता है। साथ ही 404 Error के प्रमुख कारणों को जानेंगे और इसे कैसे ठीक किया जाए, इस पर चर्चा करेंगे। SEO पर इसके प्रभाव और इससे बचने के Best Practices को भी समझेंगे। साथ ही 301 Redirect और 404 Error में क्या अंतर है, इसे भी स्पष्ट करेंगे। तो आइए इस तकनीकी जानकारी से भरी यात्रा की शुरुआत करें और जानें कि 404 Error हमारे इंटरनेट अनुभव को कैसे प्रभावित करता है।

What is 404 Error in Hindi | 404 Error क्या है?

404 Error एक HTTP स्टेटस कोड है। इसका मतलब होता है। “Page Not Found” यानी जिस वेबपेज को आप एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हैं। वह वेब पेज सर्वर पर मौजूद नहीं है। जब यूज़र किसी वेबसाइट पर ऐसे URL को खोलने की कोशिश करता है। जो यूआरएल सर्वर पर नहीं होता है। तब ब्राउज़र को 404 एरर दिखाई देता है।

यह एरर आमतौर पर तब आता है। जब:
  • पेज डिलीट कर दिया गया हो।
  • URL में टाइपिंग मिस्टेक हो।
  • पेज का नाम बदल दिया गया हो।
  • लिंक टूटा हुआ (Broken Link) हो, आदि।

404 Error का मतलब यह नहीं होता कि सर्वर डाउन है। बल्कि इसका मतलब होता है कि सर्वर सही चल रहा है लेकिन वेबपेज सर्वर पर नहीं मिला है।

404 Error वेबसाइट यूज़र्स के अनुभव को प्रभावित करता है। क्योंकि जब उन्हें वांछित जानकारी नहीं मिलती है। तो वह वेबसाइट जल्दी छोड़ देते हैं। SEO के नजरिए से भी 404 Errors नुकसानदायक होती हैं। क्योंकि यह सर्च इंजन क्रॉलिंग को प्रभावित करते हैं।

वेबसाइट ओनर्स के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे 404 Errors को मॉनिटर करें और उन्हें जल्दी ठीक करें। ताकि यूज़र्स को खराब अनुभव न हो। इससे SEO पर कोई बुरा असर न पड़े। इसके लिए वे कस्टम 404 पेज बना सकते हैं। जिसमें यूज़र के लिए होमपेज या अन्य महत्वपूर्ण पेजों के लिंक ऐड कर सकते हैं।

How Does 404 Error Work in Hindi | 404 Error कैसे काम करता है?

जब हम किसी वेबसाइट पर ऐसा पेज खोलने की कोशिश करते हैं। वह पेज उस वेबसाइट के सर्वर पर मौजूद नहीं होता है। तब 404 Error आता है।

यह काम कैसे करता है?

  • User Request करता है: जब हम ब्राउज़र में किसी URL को टाइप करते हैं या किसी लिंक पर क्लिक करते हैं।
  • Server Request को Process करता है: सर्वर देखता है सर्च किया गया वेबपेज उसके पास है या नहीं है।
  • सर्वर को पेज नहीं मिलने पर 404 एरर भेजता है: अगर वह पेज सर्वर पर नहीं मिलता है। तब सर्वर ब्राउज़र को एक “404 Not Found” HTTP Status Code भेजता है।
  • User को 404 Page दिखता है: ब्राउज़र हमको बताता है। “Page Not Found” यानी वह वेबपेज उपलब्ध नहीं है।

When & Why Does 404 Error in Hindi | 404 Error कब और क्यों आता है?

404 Error कब और क्यों आता है? सरल शब्दो में विस्तार से समझिए।

404 Error कब आता है?

404 Error क्यों आता है?
जब यूजर वेबपेज का URL गलत टाइप करता है।सर्च किया गया वेबपेज सर्वर पर मौजूद नहीं होता है।
जब वेबपेज को डिलीट या मूव कर दिया हो।पेज का पता (URL) बदल गया होता है।
लिंक टूट गया हो या गलत हो।लिंक outdated या broken होता है।
सर्वर में कंफिगरेशन गलत हो।URL routing सही तरीके से सेट नहीं होता है।

Main Reasons for 404 Error in Hindi | 404 Error के प्रमुख कारण

यहाँ 404 Error के मुख्य कारणों को विस्तार से बताया गया है:

  • गलत URL टाइप करना: जब यूज़र URL में स्पेलिंग मिस्टेक करता है।
  • डिलीट किया गया पेज: जब वेबसाइट से कोई पेज हटा दिया गया हो।
  • URL का बदल जाना: यदि पेज का URL बदला गया है। रीडायरेक्ट नहीं किया गया।
  • टूटी हुई लिंक (Broken Link): वेबसाइट में जो लिंक दिए हैं। वे पुराने या गलत URL की ओर जा रहे हैं।
  • सर्वर में पेज मौजूद नहीं है: अगर वेबपेज को सर्वर से डिलीट कर दिया गया है।
  • डोमेन नेम में समस्या: अगर डोमेन सही तरह से कनेक्ट नहीं है या एक्सपायर हो गया है।

How to Fix 404 Error in Hindi | 404 Error कैसे Fix करें?

404 Error को Fix करने के आसान तरीके:

  • URL चेक करें: सबसे पहले सुनिश्चित करें कि URL सही टाइप किया गया है।
  • पेज दोबारा बनाएं: अगर पेज डिलीट हो गया है तो उसे दोबारा बना दें।
  • Redirect लगाएं (301 Redirect): पुराने पेज के URL को नए पेजके यूआरएल पर रीडायरेक्ट करें।
  • Broken Links फिक्स करें: वेबसाइट के सभी टूटी हुई लिंक (broken links) को ठीक करें।
  • Google Search Console चेक करें: यहाँ से 404 Errors की लिस्ट पाएं और उनको फिक्स करें।
  • Custom 404 Page बनाएं: ताकि यूजर को helpful message मिले और वो साइट पर ही रुके।

Effect of 404 Error on SEO in Hindi | SEO पर 404 Error का प्रभाव

जब किसी वेबसाइट का पेज मौजूद नहीं होता और उस पर विज़िटर या सर्च इंजन बॉट पहुँचता है। तो सर्वर “404 Not Found” error दिखाता है। इसके SEO पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ते है:

  • User Experience खराब होती है: जब यूजर को कंटेंट नहीं मिलता है। तब वे वेबसाइट से एग्जिट हो जाते हैं। इससे bounce rate बढ़ता है।
  • Crawl Budget खराब होता है: जब सर्च इंजन बॉट्स बार-बार 404 पेज को क्रॉल करते है। इससे जरूरी पेजों पर ध्यान कम हो जाता है।
  • Backlink Power खत्महो जाती है: अगर किसी 404 पेज यूआरएल के external backlinks बने हुए हैं। तो उनका SEO में कोई फायदा नहीं मिलता है।
  • Ranking गिर सकती है: बहुत ज्यादा 404 errors होने पर साइट की credibility कम हो सकती है। इससे रैंकिंग पर बहुत असर पड़ता है।

Best Practices to Avoid 404 Error in Hindi | 404 Error से बचने के Best Practices

यहाँ 404 Error से बचने के लिए कुछ Best Practices को संक्षेप में बताया गया है:

  • URL का structure सही रखें:
  • 301 Redirect का यूज़ करें:
  • Broken Links चेक करें:
  • Custom 404 Page बनाएं:
  • Internal Linking सही से करे:
  • XML Sitemap अपडेट रखें:
  • Robots.txt फाइल ठीक रखें:
  • CMS और Plugins को अपडेट रखें:
  • User Feedback को सुनें:
  • Google Search Console का उपयोग करें:

Difference Between 301 Redirect and 404 Error in Hindi | 301 Redirect और 404 Error में अंतर

बिंदु301 Redirect404 Error
परिभाषायह एक स्थायी रीडायरेक्शन है। यह एक URL को दूसरे URL पर भेजता है।यह तब दिखता है। जब कोई पेज सर्वर पर मौजूद नहीं होता है ।
उद्देश्यपुराने पेज को नए पेज पर स्थायी रूप से रीडायरेक्ट करना।यह बताना कि अनुरोधित पेज मौजूद नहीं है।
SEO पर असरSEO फ्रेंडली होता है। इससे लिंक जूस नए URL को ट्रांसफर हो जाता है।SEO के लिए खराब होता है। क्योंकि यह डेड लिंक दर्शाता है।
यूज़र एक्सपीरियंसअच्छा अनुभव: यूज़र को नए पेज पर भेज देता है।खराब अनुभव – यूज़र को “पेज नहीं मिला” मैसेज मिलता है।
स्टेटस कोड301404
उदाहरणexamples.com/old-page → example.com/new-pageexample.com/missing-page (पेज मौजूद नहीं)

यह भी पढ़ें:-  

निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तों! हमें उम्मीद है कि 404 Error पर आधारित यह लेख आपके लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा होगा। लेख पढ़ने के बाद आपको 404 Error से जुड़ी अहम जानकारी सरल भाषा में समझ आ गई होगी। यदि इस विषय में आपके कोई सवाल या सुझाव हैं। तो कृपया नीचे कमेंट करें। आपकी राय हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर यह जानकारी आपको लाभकारी लगी हो। तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। ताकि वे भी इस विषय को बेहतर तरीके से समझ सकें। लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद!

FAQs:

Q1. 404 Error क्या होता है?

Ans: 404 Error एक HTTP स्टेटस कोड है।यह दर्शाता है कि जो वेबपेज आप ब्राउज़र में खोलना चाहते हैं। वह सर्वर पर मौजूद नहीं है। इसका मतलब है कि URL गलत हो सकता है या वह पेज डिलीट कर दिया गया है।

Q2. 404 Error कब आता है?

Ans: 404 Error तब आता है। जब:

  • आप गलत URL टाइप करते हैं।
  • जिस पेज को आप खोलना चाहते हैं वह डिलीट हो गया हो।
  • वेबसाइट की संरचना बदली हो और लिंक अपडेट न किया गया हो।
  • लिंक टूट चुका हो (Broken Link)।
Q3. क्या 404 Error वेबसाइट के लिए नुकसानदायक होता है?

Ans: हाँ, यदि आपकी वेबसाइट पर बहुत सारे 404 Errors हैं। तो:

  • यह User Experience को खराब करता है।
  • SEO (Search Engine Optimization) पर बुरा असर डालता है।
  • आपकी वेबसाइट की रैंकिंग कम हो सकती है।
Q4. 404 Error को कैसे ठीक करें?

Ans: लिंक को दोबारा चेक करें कि वह सही है या नहीं।

  • यदि पेज डिलीट हो गया है तो उसे फिर से बना दें।
  • 301 Redirect का उपयोग करें। ताकि पुराना URL नए पेज पर रीडायरेक्ट हो जाए।
  • Google Search Console में जाकर 404 Errors की रिपोर्ट देखें और उन्हें ठीक करें।
Q5. 301 Redirect और 404 Error में क्या अंतर है?

Ans: 301 Redirect और 404 Error में मुख्य अंतर:

  • 404 Error का मतलब है। कि वेबपेज नहीं मिला।
  • 301 Redirect का मतलब है। पुराना वेबपेज स्थायी रूप से किसी नए पेज पर भेजा जा रहा है।
  • Redirect का उपयोग करके हम 404 Errors से बच सकते हैं।
Q6. 404 Error पेज को कस्टमाइज़ करना क्यों ज़रूरी होता है?

Ans: एक कस्टम 404 पेज यूज़र को बेहतर अनुभव देता है। उन्हें साइट पर बने रहने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसमें आप निम्न चीजें शामिल कर सकते हैं:

  • सर्च बार
  • होमपेज का लिंक
  • लोकप्रिय पेज के लिंक
  • क्षमा याचना का संदेश
Q7. 404 Error को खोजने का तरीका क्या है?

Ans: 404 Error को खोजने के सही तरीके

  • Google Search Console का इस्तेमाल करें।
  • Broken Link Checker Tools (जैसे Ahrefs, Screaming Frog) का यूज़ करें।
  • वेबसाइट पर मैन्युअली लिंक चेक करें।

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Internal CSS वह होता हैं। जो HTML डॉक्यूमेंट के अंदर ही <style> टैग में लिखा जाता हैं। यह तरीका जब यूज़फुल होता है। जब हम केवल वेबसाइट के एक ही पेज पर CSS ऐड करना चाहते हैं। यह पूरी वेबसाइट पर ऐड करने के लिए सही नहीं है। उदाहरण के लिए: <!DOCTYPE html> <html lang=”hi”> <head> <meta charset=”UTF-8″> <title>Internal CSS Example</title> <style> h1 { color: blue; text-align: center; } p { font-size: 18px; color: green; } </style> </head> <body> <h1>हेलो !</h1> <p>हेलो</p> </body> </html> इस उदाहरण में, <Head> हेड सेक्शन में <style> टैग का यूज़ किया गया है। जिसमें h1 हैडिंग और p पेराग्राफ टैग के लिए स्टाइलिंग दी गई है। What is External CSS in Hindi | बाहरी CSS क्या है? एक्सटर्नल CSS वह स्टाइल शीट होती है। External CSS लिखने के लिए हमको अलग से एक फ़ाइल create करनी पड़ती है। CSS file का एक्सटेंशन .CSS देना पड़ता है। हम एक ही CSS फ़ाइल को कई HTML फाइलों से लिंक कर सकते हैं। <!DOCTYPE html> <html lang=”hi”> <head> <meta charset=”UTF-8″> <meta name=”viewport” content=”width=device-width, initial-scale=1.0″> <title>External CSS Example</title> <link rel=”stylesheet” href=”styles.css”> </head> <body> <h1>यह एक हेडिंग है</h1> <p>यह एक पैराग्राफ है।</p> </body> </html> Features of CSS in Hindi | CSS की विशेषताएँ CSS एक स्टाइलिंग लैंग्वेज है। इसका यूज़ HTML वेब पेजों की डिज़ाइन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। CSS लैंग्वेज के कुछ महत्वपूर्ण फीचर्स निम्नलिखित हैं: स्टाइलिंग और डिजाइनिंग: CSS लैंग्वेज का यूज़ वेबसाइट और वेब पेजों के लेआउट को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए किया जाता है। इसमें टेक्स्ट, इमेज, बॉर्डर, टेबल, बटन, बैकग्राउंड आदि को डिज़ाइन किया जाता है। रिस्पॉन्सिव डिजाइन: CSS लैंग्वेज का यूज़ सभी प्रकार की स्क्रीन के साइज के अनुसार रिस्पॉन्सिव वेबसाइट डिज़ाइन के लिए किया जाता है। जैसे लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट, डेस्कटॉप, आदि। की स्क्रीन के अनुसार डिज़ाइन के लिए किया जाता है। कास्केडिंग (Cascading) मैकेनिज्म: यदि एक ही एलिमेंट पर कई स्टाइल यूज़ होती हैं। तो CSS लैंग्वेज उनकी प्राथमिकता तय करता है और इसके बाद अंतिम आउटपुट देता है। सेलेक्टर्स और ग्रुपिंग: CSS लैंग्वेज में विभिन्न सेलेक्टर्स (जैसे क्लास, आईडी, एलिमेंट) का यूज़ करके स्पेसिफिक एलिमेंट्स को स्टाइल किया जाता है। एनीमेशन और ट्रांज़िशन: CSS लैंग्वेज का उपयोग वेबसाइट और वेब पेज पर एनिमेशन और इफेक्ट्स ऐड करने के लिए किया जाता है। फास्ट लोडिंग और SEO फ्रेंडली: CSS लैंग्वेज का कोड वेब पेज को लाइट और फ़ास्ट SEO फ्रेंडली बनाता है। जिससे वेबसाइट का SEO प्रदर्शन बेहतर होता है। Difference Between CSS & HTML in Hindi | CSS और HTML में अंतर विशेषता HTML CSS पूरा नाम HyperText Markup Language Cascading Style Sheets कार्य वेब पेज का स्ट्रक्चर क्रिएट करता है। वेब पेज को स्टाइलिश और आकर्षक बनाता है। कैसे उपयोग करें? <h1>, <p>, <img> जैसे टैग्स का उपयोग होता है {} में प्रॉपर्टीज़ का उपयोग होता है उपयोग टेक्स्ट, इमेज, लिंक, वीडियो, बटन आदि जोड़ने के लिए रंग, फॉन्ट, बैकग्राउंड, लेआउट आदि बदलने के लिए इंटीग्रेशन वेब पेज के मूल ढांचे के रूप में यूज़ होता है। HTML के साथ जोड़कर वेब पेज को डिजाइन किया जाता है। कोडिंग की भाषा यह एक मार्कअप भाषा है यह एक स्टाइलिंग भाषा है स्वतंत्रता यह बिना CSS के भी काम कर सकता है यह HTML के बिना काम नहीं कर सकता फाइल एक्सटेंशन .html .css उदाहरण <h1>हेलो</h1> h1 { color: blue; } HTML का उदाहरण: <!DOCTYPE html> <html> <head> <title>हेलो वर्ल्ड</title> </head> <body> <h1>टाइटल

Robots.txt फ़ाइल क्या है | What is Robots.txt File in Hindi?

हेलो दोस्तों, आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को Robots.txt File के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप Robots.txt File के बारे में नहीं जानते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत लाभदायक होने वाला है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को विस्तार से बताएंगे Robots.txt File क्या होती है। (What is Robots.txt File in Hindi) इसका क्या यूज होता है। इसको हम कैसे क्रिएट करते हैं। अगर आप ब्लॉगर या डिजिटल मार्केटर है, तो आपको Robots.txt File के बारे में अवश्य पता होगा। पर आपको Robots.txt File के बारे में पता तो है। पर आप यह नहीं जानते कि Robots.txt File को कैसे क्रिएट करते हैं। तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा अवश्य पढ़ें। आपको Robots.txt File के बारे में अवश्य पूरी जानकारी मिल जाएगी। इस फाइल को कैसे क्रिएट करते हैं। Robots.txt File हमारी वेबसाइट के लिए क्यों आवश्यक है। Robots.txt File Kya Hai | What is Robots.txt File in Hindi (Robots.txt फ़ाइल क्या है) Robots.txt एक फाइल है। जिस फाइल के माध्यम से हम सर्च इंजन क्रॉलर को बताते हे, कि वेबसाइट के किस पेज को सर्च इंजन में Crawl करना हे और किस पेज को Crawl नहीं करना हे। Short Definition of Robots.txt File in Hindi सभी websites में Robots.txt File एक वह फाइल होती है। जिसके माध्यम से सर्च इंजन क्रॉलर या बॉट्स को यह निर्देश दिया जाता है। कि हमारी वेबसाइट के किस पेज को क्रॉल करना है और किस पेज को क्रॉल नहीं करना। Robots.txt फाइल के फायदे Robots फाइल सर्च इंजन क्रॉलर को बताता है कि वेबसाइट के किस पेज को Crawl और Index करना है और किस पेज को नहीं करना। Robots फाइल के माध्यम से आप अपनी वेबसाइट की किसी खास फाइल, फोल्डर, इमेज, pdf आदि को सर्च इंजन में Index होने से Disallow किया जा सकता है। इसके माध्यम किसी भी वेबसाइट के पुरे सेक्शन को Private कर सकते है। txt फाइल के माध्यम से वेबसाइट के पेज को SERPs में रैंक दिखाने से रोक सकते हैं। Robots फाइल के माध्यम से आप अपनी वेबसाइट के low quality pages को ब्लाक करके अपनी Website के Technical SEO में सुधार कर सकते है। Robots.txt file का Basic Syntax क्या है User-Agent: अगर आप अपनी वेबसाइट को सभी सर्च इंजन पर इंडेक्स करना चाहते हो। तो User-Agent: के साथ * सिंबल का प्रयोग करते हैं। आप केवल गूगल पर अपनी वेबसाइट इंडेक्स करना चाहते हो। तो User-Agent: के साथ googlebot का यूज़ करते हे। अगर आप अपनी वेबसाइट को केवल Bing पर इंडेक्स करना चाहते हो। तो User-Agent: के साथ Bingbot का यूज़ करते हे। यह भी पढ़े:- What is Local SEO in Hindi Allow: इस सेक्सशन में वेबसाइट Page, Folder, या Web-Content का Path लिखते हैं। हम जिन वेबसाइट के Page को सर्च इंजन में Index कराना चाहते हे। Disallow: इस सेक्सशन में वेबसाइट Page, Folder, या Web-Content का Path लिखते हैं। हम जिन वेबसाइट के Page को सर्च इंजन में Index नहीं कराना चाहते हे। Example 1. अगर आप अपनी वेबसाइट को सभी सर्च इंजन बोट्स में Crawl करने के लिए Allow करना चाहते हैं! User-Agent: * Allow: /wp-content Disallow: /wp-content/plugins/ Disallow: /wp-admin/ Example 2. अगर आप अपनी वेबसाइट को केवल Google के Search Engine Bots में Crawl करने के लिए Allow करना चाहते हैं! User-Agent: googlebot Allow: /wp-content Disallow: /wp-content/plugins/ Disallow: /wp-admin/ Example 3. अगर आप अपनी वेबसाइट को केवल Bing के Search Engine Bots में Crawl करने के लिए Allow करना चाहते हैं! User-Agent: bingbot Allow: /wp-content Disallow: /wp-content/plugins/ Disallow: /wp-admin/ Website में Robots.txt File कैसे देखें अगर आप किसी भी वेबसाइट की Robots.txt File देखना चाहते है। तो आप बड़ी आसानी से सभी वेबसाइट की Robots.txt File देख सकते हैं! इस फाइल को चेक करने के लिए सबसे पहले किसी एक Browser को Open करना होगा। इसके बाद अपनी वेबसाइट को ओपन करके Domain के बाद /robots.txt लिख दीजिये! Example: https://www.example.com/robots.txt यह भी पढ़ें:-   Google Analytics क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Google AdSense क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Search Engine क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Robots.txt फ़ाइल क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Sitemap क्या है और कैसे बनाये पूरी जानकारी हिंदी में निष्कर्ष | Conclusion  दोस्तों आशा करता हूं, हमारा यह आर्टिकल पढ़कर आप लोगों को रोबोट और पीएसटी फाइल के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गई हो। अगर हमारा आर्टिकल पढ़कर आप लोगों को सही इंफॉर्मेशन मिली हो। तो हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। ऐसे ही इनफॉर्मेटिव आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद! FAQs Q1. किसी भी वेबसाइट की Robots.txt File कैसे देखें? Ans: “Robots.txt File देखने के लिए अपनी वेबसाइट को ओपन करके Domain के बाद /robots.txt लिख दीजिये! Example: https://www.example.com/robots.txt. Q2 Robots.txt File का प्रयोग क्यों किया जाता है? Ans: वेबसाइट का कौन सा पेज Serach Engine क्रॉल करना है और कौन सा पेज क्रॉल नहीं करना है यह निर्देश सर्च इंजन क्रॉलर को देने के लिए Robots.txt File का प्रयोग किया जाता है। Q3. किसी वेबपेज की Crawling को कैसे रोक सकते हैं? Ans: आप Robots.txt File में Disallow करके किसी भी वेबपेज की Crawling को रोक सकते हैं। Q4. Robots.txt फाइल कहाँ मौजूद होती है? Ans: Robots.txt File वेबसाइट के रूट फोल्डर में मौजूद होती है. Q5. यदि Robot.txt File का प्रयोग ना किया जाए तो तब क्या होगा? Ans: अगर हम अपनी वेबसाइट में Robot.txt File ऐड नहीं करते हे। तो ऐसे में सर्च इंजन हमारे सभी पेजेज को इंडेक्स करेगा। इससे हमारी वेबसाइट की सिक्योरिटी प्रॉब्लम रहेगी।