What is WordPress in Hindi | वर्डप्रेस क्या है? पूरी जानकारी

नमस्ते दोस्तों! इस लेख में हम वर्डप्रेस के बारे में विस्तार से समझेंगे। वर्डप्रेस क्या है(What is WordPress in Hindi)। यह इतना लोकप्रिय क्यों है। वर्डप्रेस कैसे काम करता है। साथ ही WordPress.com और WordPress.org के बीच का अंतर भी जानेंगे। वर्डप्रेस से वेबसाइट बनाना क्यों आसान है। इसके क्या फायदे हैं। प्लगइन्स क्या होते हैं और होस्टिंग कैसे चुनें। ये सभी बातें हम कवर करेंगे। क्या वर्डप्रेस मुफ्त है और इससे पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं। यह भी जानेंगे। तो चलिए, वर्डप्रेस की इस शानदार दुनिया में कदम रखते हैं। इसके सभी पहलू को करीब से समझते हैं।

अगर आप अपनी वेबसाइट बनाने की सोच रहे हैं या ब्लॉगिंग की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। तो आपको वर्डप्रेस के बारे में जानकारी होगी या इसका नाम जरूर सुना होगा। इस लेख में हम वर्डप्रेस से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से समझेंगे।

Table of Contents

WordPress Kya Hai | What is WordPress in Hindi (वर्डप्रेस क्या है?)

वर्डप्रेस एक प्रसिद्ध ओपन-सोर्स कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) प्लेटफॉर्म है। इसका यूज़ वेबसाइट और ब्लॉग क्रिएट करने के लिए किया जाता है। यह PHP लैंग्वेज में बना है, और MySQL डेटाबेस पर आधारित है। वर्डप्रेस यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस प्रदान करता है। इसलिए कोडिंग की जानकरी के बिना भी आसानी से वेबसाइट या ब्लॉग बना सकते है।

इसमें बहुत सारे फ्री और पेड थीम्स और प्लगइन्स होते है। जिनका यूज़ करके हम आसानी से वेबसाइट को कस्टमाइज़ कर सकते है। इसका यूज़ करके हम आसानी से ब्लॉग, बिज़नेस वेबसाइट, एजुकेशन वेबसाइट, ई-कॉमर्स साइट, पोर्टफोलियो, आदि, बना सकते है।

यह SEO फ्रेंडली प्लेटफॉर्म है। इसलिए इससे वेबसाइट या ब्लॉग को SERP में आसानी से टॉप पर रैंक करा सकते है। इसकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी सरलता, लचीलापन है। इसलिए बहुत विशाल कम्युनिटी इसे सपोर्ट और यूज़ करती है। वर्तमान समय में दुनिया की 40% से ज्यादा वेबसाइट वर्डप्रेस पर बनी हुई हैं।

Why is WordPress Popular in Hindi | वर्डप्रेस लोकप्रिय क्यों है?

वर्डप्रेस की लोकप्रियता के पीछे मुख्य कारण यह हैं:

  • फ्री और ओपन सोर्स – इसको फ्री में यूज़ किया जा सकता है। इसका सोर्स कोड भी बिलकुल ओपन है। इसलिए आसानी से कस्टमाइजेशन कर सकते है।
  • यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस – इसमें बिना कोडिंग की जानकारी के आसानी से वेबसाइट बना सकते है।
  • हज़ारों थीम्स और प्लगइन्स – इसमें वेबसाइट को कस्टमाइज़ करने के लिए बहुत सारे थीम्स और प्लगइन्स उपलब्ध हैं।
  • SEO फ्रेंडली – WordPress पर आसानी से SEO फ्रेंडली वेबसाइट बना सकते है। जिससे वह सर्च इंजन में आसानी से रैंक कर सकती हैं।
  • कम्युनिटी सपोर्ट – वर्ल्ड में बहुत बड़ी कम्युनिटी वर्डप्रेस को सपोर्ट करती है। इसलिए इससे मदद लेना बहुत आसान होता है।
  • मल्टीपर्पज़ प्लेटफॉर्म – वर्डप्रेस प्लेटफॉर्म पर ब्लॉगिंग से लेकर ई-कॉमर्स तक हर तरह की वेबसाइट बना सकते है।

How Does WordPress Work in Hindi | वर्डप्रेस कैसे काम करता है?

WordPress के काम करने का तरीका:

वेब सर्वर पर इंस्टॉल होता है।

WordPress को वेब होस्टिंग सर्वर पर इंस्टॉल किया जाता है। यह PHP और MySQL पर आधारित है।

डैशबोर्ड से कंट्रोल

वर्डप्रेस को इंस्टॉल करने के बाद हमको एक एडमिन पैनल (डैशबोर्ड) मिलता है। जहाँ से हम:

  • पोस्ट और पेज क्रिएट कर सकते हैं।
  • यहाँ से हम थीम बदल सकते हैं।
  • इसमें हम प्लगइन्स इंस्टॉल कर सकते हैं।
  • आसानी से वेबसाइट को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।

थीम और प्लगइन्स

  • इसमें थीम से वेबसाइट का डिज़ाइन तय होता है।
  • प्लगइन्स से नए फीचर्स ऐड कर सकते हैं। जैसे: Contact Form, SEO Tools, आदि।

डेटाबेस से डेटा मैनेजमेंट

WordPress का कंटेंट (जैसे पोस्ट, पेज, यूज़र आदि) MySQL डेटाबेस में स्टोर होता है। जब कोई वेबसाइट ओपन करता है। PHP स्क्रिप्ट उस डेटा को डेटाबेस से लाकर वेबसाइट पर दिखाती है।

यूज़र फ्रेंडली इंटरफेस

WordPress का इंटरफेस आसान और यूज़र फ्रेंडली होता है। जिससे बिना टेक्निकल जानकारी के वेबसाइट को मैनेज कर सकते है।

History of WordPress in Hindi | वर्डप्रेस का इतिहास

वर्डप्रेस की सफलता के पीछे एक लम्बा और रोचक इतिहास है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:

वर्षघटना
2003WordPress का आरंभ: Matt Mullenweg और Mike Little ने WordPress को रिलीज़ किया। यह एक बग़ी एक ओपन सोर्स ब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म था।
2004वर्डप्रेस 1.0 का विमोचन: WordPress ने अपनी पहली प्रमुख रिलीज़, WordPress 1.0 को जारी किया था। इसमें पोस्ट और पेज मैनेजमेंट जैसे फीचर्स ऐड किये गए थे।
2005वर्डप्रेस के लिए प्लगइन सिस्टम: वर्डप्रेस ने प्लगइन सिस्टम ऐड किया था। जिससे यूजर अतिरिक्त फीचर्स ऐड कर सकते थे।
2008वर्डप्रेस 2.5 का विमोचन: इस संस्करण में नया डैशबोर्ड और मीडिया लाइब्रेरी फीचर्स ऐड किया गया। जिससे यूजर कंटेंट को आसानी से प्रबंधित कर सकते थे।
2010WordPress 3.0 का विमोचन: “Thelonious” नामक इस संस्करण में कस्टम पोस्ट टाइप्स, थिम नेविगेशन और बहु-यूज़र नेटवर्क जैसी नई सुविधाएँ ऐड की गईं।
2013WordPress 3.6 का विमोचन: इसमें नया “Twenty Thirteen” थीम और बेहतर ऑटो-सेविंग फीचर ऐड किया गया था।
2015WordPress 4.3 का विमोचन: इसमें कस्टमाइजेशन और मेनू क्रिएट करने में सुधार किए गए।
2018Gutenberg (ब्लॉक एडिटर) का आगमन: WordPress 5.0 में Gutenberg को शामिल किया गया था।  इससे वेबसाइट बनाने का तरीका बदल गया।
2020WordPress 5.5 का विमोचन: इस संस्करण में बेहतर साइट स्पीड और ऑटोमेटिक अपडेट की सुविधाएँ जोड़ी गई।
2026वर्तमान स्थिति: WordPress दुनिया का सबसे लोकप्रिय CMS है। इस प्लेटफॉर्म पर 40% से अधिक वेबसाइट्स चल रही है।

Types of WordPress in Hindi | वर्डप्रेस के प्रकार

WordPress दो प्रकार का होता है:

  1. WordPress.com
  2. WordPress.org
WordPress.comWordPress.org
यह एक होस्टेड प्लेटफॉर्म है।इसे Self-Hosted WordPress भी कहते हैं।
इसमें आपको होस्टिंग और मेंटेनेंस की चिंता नहीं करनी पड़ती।आपको अपनी होस्टिंग और डोमेन खुद लेना पड़ता है।
इसमें फ्री प्लान भी मिलता है। लेकिन लिमिटेड फीचर्स होते हैं।पूरी आज़ादी मिलती है कस्टम थीम, प्लगइन और कोड एडिट करने की।
आपकी वेबसाइट का डोमेन ऐसा दिखेगा है: example.wordpress.com (जब तक आप प्रीमियम प्लान नहीं लेते)।प्रोफेशनल वेबसाइट और ब्लॉग के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प होता है।
कस्टम थीम और प्लगइन इंस्टॉल करने की आज़ादी सीमित होती है।यह फ्री है, लेकिन होस्टिंग और डोमेन के लिए खर्च आता है।

What is the Difference Between WordPress.com and WordPress.org in Hindi | WordPress.com और WordPress.org में क्या अंतर है?

WordPress.com और WordPress.org में मुख्य अंतर:

विशेषताWordPress.comWordPress.org
होस्टिंगWordPress खुद होस्ट करता हैखुद होस्टिंग लेनी होती है (Self-hosted)
डोमेन नामसबडोमेन मिलता है (जैसे yoursite.wordpress.com)कस्टम डोमेन इस्तेमाल कर सकते हैं
कस्टमाइजेशनसीमित थीम और प्लगइन्सफुल कंट्रोल, कोई भी थीम/प्लगइन इंस्टॉल कर सकते हैं
मूल्यफ्री + पेड प्लानहोस्टिंग और डोमेन का खर्च खुद उठाना होता है
कमाई (Monetization)सीमित विकल्प, WordPress के विज्ञापनपूरी तरह स्वतंत्र, AdSense, Affiliate आदि सब संभव

How to Create a Website with WordPress in Hindi | वर्डप्रेस से वेबसाइट कैसे बनाएं?

  • डोमेन नाम और होस्टिंग खरीदें: सबसे पहले अपने बिज़नेस के अनुसार एक डोमेन नाम (जैसे www.abc.com) खरीदें। इसके बाद एक वेब होस्टिंग प्लान चुनें। जैसे Hostinger, GoDaddy, आदि।
  • WordPress इंस्टॉल करें: होस्टिंग के cPanel में जाकर वर्डप्रेस के आइकॉन पर क्लिक करके इंस्टॉल करें।
  • थीम (Theme) चुनें और इंस्टॉल करें: WordPress डैशबोर्ड से जाकर एक सुंदर और मोबाइल-फ्रेंडली थीम चुनें। इसके बाद एक्टिवेट करें।
  • ज़रूरी Plugins इंस्टॉल करें: अपनी जरुरत के अनुसार प्लगइन एक्टिवेट करे। जैसे: Yoast SEO, Contact form, आदि।
  • पेज और मेनू बनाएं: Home, About, Contact जैसे पेज क्रिएट करे। इसके बाद नेविगेशन मेनू सेट करें।
  • Content डालें: अपनी वेबसाइट में अपने बिज़नेस के अनुसार उपयोगी कंटेंट लिखे। कंटेंट को टेक्स्ट, ग्राफ, टेबल, इमेज, वीडियो फॉर्मेट में यूज़ करे।
  • SEO सेटिंग्स करें: वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करने के लिए SEO प्लगइन्स का सही से यूज़ करें।
  • वेबसाइट पब्लिश करें: सब कुछ सेट हो जाने के बाद, अपनी वेबसाइट को पब्लिश करें। और लोगों के साथ शेयर करें।

Benefits of WordPress in Hindi | वर्डप्रेस के फायदे

WordPress के बहुत सारे फायदे हैं। जो इसे दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय वेबसाइट निर्माण प्लेटफॉर्म बनाते हैं। यहां WordPress के कुछ प्रमुख लाभ को बिस्तार से बताया गया हैं:

  • आसान उपयोग: वर्डप्रेस का इंटरफ़ेस बहुत सरल और सिंपल है। इसलिए इस पर बिना कोडिंग की जानकारी के आसानी से वेबसाइट बना सकते है।
  • फ्री और ओपन-सोर्स: यह एक ओपन-सोर्स CMS प्लेटफ़ॉर्म है। इसका मतलब है। इसको फ्री में डाउनलोड करके यूज़ कर सकते है।
  • लचीलापन: वर्डप्रेस में बहुत प्रकार की वेबसाइट्स बना सकते है। जैसे: ब्लॉग, बिज़नेस वेबसाइट, ई-कॉमर्स, पोर्टफोलियो, आदि। इसमें बहुत सारे थीम और प्लगइन्स होते हैं।
  • SEO फ्रेंडली: WordPress एक SEO फ्रेंडली प्लेटफॉर्म है। इसमें SEO के लिए बहुत सारे प्लगइन्स और टूल्स होते हैं। जिनके यूज़ से वेबसाइट को SERP में बेहतर रैंक में लाने में मदद मिलती हैं।
  • समर्थन और समुदाय: वर्डप्रेस का एक बहुत बड़ा और सक्रिय समुदाय है। जिससे आपको किसी भी समस्या का समाधान बहुत आसानी से मिल सकता है।
  • मोबाइल फ्रेंडली: वर्डप्रेस की अधिकार थीम मोबाइल फ्रेंडली होती है। इसलिए यह मोबाइल पर भी अच्छे से काम करती है। जिससे हमारी वेबसाइट मोबाइल यूज़र्स के लिए अनुकूल हो जाती है।
  • सुरक्षा: वर्डप्रेस में सुरक्षा के लिए बहुत सारे प्लगइन्स हैं। जिससे वेबसाइट को हैकर्स से बचा सकते हैं।

What are WordPress Plugins in Hindi | वर्डप्रेस Plugins क्या होते हैं?

WordPress Plugins वे छोटे सॉफ़्टवेयर होते हैं। जिनको वर्डप्रेस वेबसाइट की कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए इंस्टॉल किया जाता है। इनका यूज़ वेबसाइट में नई फीचर्स ऐड करने और किसी खास प्रॉब्लम का समाधान करने के लिए यूज़ किए जाते हैं। उदाहरण: प्लगइन का यूज़ करके वेबसाइट का SEO ऑप्टिमाइज़ कर सकते है। और सोशल मीडिया शेयरिंग को आसान बना सकता है।

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निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तों! हमें उम्मीद है कि वर्डप्रेस पर आधारित यह लेख आपके लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा होगा। हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है। हम आपको तकनीकी विषयों की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप में दें। यदि इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मन में कोई सवाल हो। तो कृपया नीचे टिप्पणी अनुभाग में जरूर पूछें। हम आपकी सहायता के लिए सदैव तैयार हैं। आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए बेहद मूल्यवान है। इसलिए हमें बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा। साथ ही, अगर यह जानकारी आपको उपयोगी लगी हो। तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें।

FAQs:

Q1: WordPress क्या है?

Ans: WordPress एक फ्री और ओपन-सोर्स कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) प्लेटफॉर्म है। इससे हम वेबसाइट या ब्लॉग आसानी से बना सकते हैं।

Q2: WordPress कितने प्रकार का होता है?

Ans: दो प्रकार के होते हैं:

  1. WordPress.com – होस्टेड सर्विस
  2. WordPress.org – सेल्फ होस्टेड वर्जन (ज्यादा कंट्रोल और कस्टमाइज़ेशन)
Q3: क्या WordPress फ्री है?

Ans: हां, WordPress एक फ्री सॉफ्टवेयर है। लेकिन इसमें डोमेन और होस्टिंग को खरीदने के लिए पैसे देने पड़ते हैं।

Q4: क्या WordPress पर वेबसाइट बनाना आसान है?

Ans: हां, बिल्कुल। इसमें कोडिंग सीखने की जरुरत नहीं होती है। हम बिना कोडिंग के आसानी से वेबसाइट बना सकते हैं।

Q5: WordPress पर ब्लॉग कैसे शुरू करें?

Ans: सबसे पहले डोमेन और होस्टिंग खरीदें। इसकेबाद WordPress इंस्टॉल करें, थीम और प्लगइन ऐड करे। इसके बाद ब्लॉग लिखना शुरू करें।

Q6: WordPress में थीम और प्लगइन क्या होते हैं?

Ans: थीम और प्लगइन क्या होते है.

  • थीम: आपकी साइट का डिज़ाइन और लेआउट होता है।
  • प्लगइन: अतिरिक्त फीचर्स जोड़ने के लिए। जैसे: Yoast, contact form, आदि।
Q7: क्या WordPress सुरक्षित है?

Ans: हां, WordPress डिफ़ॉल्ट रूप से सुरक्षित है। लेकिन कमजोर पासवर्ड, पुराने सॉफ़्टवेयर और अविश्वसनीय प्लगइन्स इसे असुरक्षित बना सकते हैं। इसलिए नियमित अपडेट और सुरक्षा उपायों से सुरक्षित रखें।

Q8: क्या WordPress से पैसे कमा सकते हैं?

Ans: हां, ब्लॉगिंग, एफिलिएट मार्केटिंग, वेबसाइट डिजाइनिंग, और फ्रीलांसिंग से अच्छे पैसे कमा सकते हैं।

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Ans: MS Excel की मुख्य विशेषताएँ ये है: यह डेटा को टेबल, चार्ट और ग्राफ में व्यवस्थित करने में सहायता करता है। इसमें गणितीय और तार्किक कार्यों के लिए बहुतसारे फॉर्मूला होते हैं। इससे हम डेटा को फिल्टर और सॉर्ट आसानी से कर सकते है। इसके माध्यम से हम अपने डेटा को चार्ट और ग्राफ के रूप में प्रदर्शित कर सकते है। Q3. Excel में कितनी पंक्तियाँ और स्तंभ होते हैं? Ans: डेस्कटॉप एक्सेल में 1,048,576 पंक्तियां और 16,384 स्तंभ होते हैं. हालांकि, यह संख्या वर्शन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. Q4. सेल (Cell) क्या होता है? Ans: Excel में सेल, पंक्ति (Row) और स्तंभ (Column) के मिलने से बनता है। जैसे A1, B2, C1, C5 आदि। Q5. रेंज (Range) क्या होती है? Ans: एक से ज्यादा सेल को मिलाकर जो समूह बनता है, उसी को रेंज कहते हैं। उदाहरण: A1:A5 (A1 से A5 तक सभी सेल)। Q6. Excel में फॉर्मूला क्या होता है? Ans: Excel में फॉर्मूला डेटा की गणनाओं के लिए यूज़ किया जाता है। उदाहरण: =A1+B1, =B1- A1, आदि। Q7. MS Excel में फंक्शन क्या होते हैं? Ans: MS Excel में फंक्शन पहले से ऐड हुए फॉर्मूले होते हैं। जो तेजी से गणना करने में मदद करते हैं, जैसे: SUM(A1:A5) जोड़ने के लिए AVERAGE(A1:A5) औसत निकालने के लिए Q8. Excel में SUM फंक्शन क्या करता है? Ans: SUM फंक्शन दिए गए नंबरों का SUM करने के लिए होता है। उदाहरण: =SUM(A1:A5) Q9. Excel में COUNT फंक्शन क्या करता है? Ans: Excel में COUNT फंक्शन उन सेल की गिनती करता है जिनमें संख्या होती है। उदाहरण: =COUNT(A1:A10) Q10. VLOOKUP क्या है? Ans: VLOOKUP किसी टेबल में एक निश्चित वैल्यू को खोजने के लिए यूज़ होता है। उदाहरण: =VLOOKUP(B2,C2:E7,3,TRUE) Q11. MS Excel में HLOOKUP क्या है? Ans: MS Excel में HLOOKUP एक फ़ंक्शन है। जो एक टेबल की पहली पंक्ति में डेटा खोजता है और उसी कॉलम में एक निर्दिष्ट पंक्ति से मान लौटाता है। Q12. CONCATENATE फंक्शन क्या करता है? Ans: यह MS Excel में दो या अधिक टेक्स्ट स्ट्रिंग को जोड़ता है। उदाहरण: =CONCATENATE(A1, ” “, B1) Q13. Excel में Pivot Table क्या होता है? 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Ans: Excel में यह डेटा के आधार पर अलग-अलग संभावित परिणामों का विश्लेषण करने के लिए यूज़ होता है। Q28. Excel में Data Sorting क्या होता है? Ans: Excel में यह डेटा को किसी विशेष क्रम (जैसे A-Z या 1-100) में व्यवस्थित करने के लिए यूज़ होता है। Q29. Excel में Flash Fill क्या करता है? Ans: Excel में यह पैटर्न पहचानकर डेटा को ऑटोमेटिक भरने में मदद करता है। Q30. Excel में AutoFill क्या होता है? Ans: Excel में यह एक पैटर्न के आधार पर सेल में डेटा भरने का तरीका है। उदाहरण: यदि A1 में “1” और A2 में “2” है, तो AutoFill नीचे खींचने पर क्रम बढ़ता जाएगा। यह भी पढ़ें:-   SEO Interview Questions in Hindi What is Keyword in Hindi What is Google Search Console in Hindi Digital Marketing Interview

गूगल एडसेंस क्या है? पूरी जानकारी | What is Google AdSense in Hindi

हेलो दोस्तों आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को बताने जा रहे हैं। गूगल ऐडसेंस क्या है। (What is Google AdSense) यह कैसे काम करता है। गूगल ऐडसेंस से कैसे पैसे कमा सकते हैं। गूगल ऐडसेंस के क्या-क्या फायदे हैं। यह सब कुछ इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को विस्तार में बताएंगे। अगर आप ऐडसेंस के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारे साथ इस आर्टिकल पर जुड़े रहे। जो लोग अपना यूट्यूब चैनल या कोई ब्लॉक चला रहे हैं। उन सभी को ऐडसेंस के बारे में पता होगा। अगर आप ब्लॉग या यूट्यूब चैनल चलाना चाहते हैं। तो आपको ऐडसेंस के बारे में जानना बहुत जरूरी है। यह भी पढ़े:- What is Local SEO in Hindi अगर आप गूगल ऐडसेंस के माध्यम से पैसा कमाना चाहते हैं। तो इसके लिए आपको केवल ब्लॉक बनाना ही काफी नहीं है। आप अपना ब्लॉग बनाकर गूगल ऐडसेंस तो आसानी से अप्रूव करा सकते हैं। पर ऐडसेंस से पैसा कमाने के लिए आपको अपने ब्लॉग पर अच्छे से काम करना होगा। जब तक आपके ब्लॉक पर ट्रैफिक नहीं आएगा तब तक आप गूगल ऐडसेंस के माध्यम से पैसे नहीं कमा सकते हो। इसलिए गूगल ऐडसेंस से पैसे कमाने के लिए आपको अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के लिए अच्छे से मेहनत करनी होगी। आज के समय में ऑनलाइन पैसा कमाने के बहुत सारे तरीके हे। लोग ऑनलाइन पैसा कमाने के लिए सबसे ज्यादा प्लेटफॉर्म गूगल ऐडसेंस को मानते हैं। अधिकतर लोग जो ऑनलाइन पैसा कमा रहे हैं उनमें से करीब 80% से ज्यादा लोग गूगल ऐडसेंस के पैसा कमा रहे हैं। इसलिए गूगल ऐडसेंस ऑनलाइन पैसा कमाने का सबसे अच्छा प्लेटफार्म है। इसके माध्यम से आप भी ऑनलाइन घर बैठे अच्छे से पैसे कमा सकते हैं। Google AdSense Kya Hai | What is Google AdSense in Hindi (गूगल एडसेंस क्या है?) Google AdSense गूगल ऐडसेंस गूगल द्वारा बनाया गया एक प्रोडक्ट है।यह लोगो के वेबसाइट ब्लॉग और यूट्यूब पर विज्ञापन (Ads) दिखाने का काम करती हैं। इसके माध्यम से आप अपने वेबसाइट ब्लॉग और यूट्यूब चैनल पर गूगल ऐडसेंस का अप्रूवल लेकर ऑनलाइन पैसा कमा सकते हैं। गूगल ऐडसेंस के माध्यम से आप अपनी वेबसाइट पर टेस्ट इमेज और वीडियो फॉर्मेट में Ads दिखा कर पैसे कमा सकते हैं। ऐडसेंस आपको इन आधार पर पैसे देता है। गूगल को एप्स के जरिए जो कमाई होते हैं। उस कमाई का 30% वह अपने पास रखता है। और उसका 70% वह ads को रन कराने बाले youtuber और ब्लॉगर को देता है। जैसे कि मान लीजिए गूगल ने किसी कंपनी से Ads चलाने के लिए ₹100 लिए हैं। तो वह ₹100 में से ₹32 अपने पास रखता है। और ₹60 जिस ब्लॉग या वेबसाइट के माध्यम से अपने Ads दिखता है, उनके मालिकों को देता है। Google Adsense के नियम एवं शर्तें (Google Adsense Terms and Conditions) आपका कंटेंट यूनिक और सिंपल होना चाहिए। आपका कंटेंट डुप्लीकेट या किसी दूसरे क्रिएटर का कॉपी नहीं होना चाहिए आपकी उम्र 18 वर्ष से ज्यादा होनी जरुरी हे। आपके के पास कोई एक बैंक Account होना जरुरी हे। आपके ब्लॉग और चेंनल पर quality कंटेंट होना जरुरी हे। Google Adsense से कैसे कमाई होती हैं? (How to Earn from Google Adsense?) गूगल ऐडसेंस आपको इन दो आधार पर पैसे देता है। Impressions Clicks Impressions आपकी वेबसाइट पर हर दिन कितने इंप्रेशन आ रहे हैं। उस आधार पर गूगल ऐडसेंस आपको पैसे देता है। लगभग 1000 इंप्रेशन पर गूगल आपको $1 देता है। यह प्राइस हर country में अलग अलग रहता है। Clicks यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है। आपकी वेबसाइट पर आने वाले यूजर्स मैं से कितने users ने आपके ऐड पर क्लिक किया है। जितने ज्यादा Users आपकी वेबसाइट पर चल रहे ऐड कर क्लिक करेंगे। उतना ही आपकी Google Adsense के द्वारा Earning बढ़ेगी। गूगल ऐडसेंस के माध्यम से आपकी इनकम कितनी अच्छी होगी। यह इस बात पर भी निर्भर करता है। आपके वेबसाइट पर चल रहे Ads पर गूगल आपको क्या CPC (Cost Per Click) देता है। यदि आपके websites एड्स पर आपको CPC अच्छी मिलेगी हे। तो आपकी इनकम गूगल Adsense के माध्यम से कम ट्रैफिक में भी अच्छी हो जाएगी। वही अगर गूगल Ads पर आपकी CPC कम है। तो आपकी इनकम गूगल Adsense के माध्यम बहुत अधिक ट्रैफिक में भी उतनी अधिक नहीं होगी। यह भी पढ़े:- What is Technical SEO in Hindi अगर आपके ब्लॉग पर जो ट्रैफिक आ रहा है। वह USA, UK और Germani जैसे देशो से आ रहा है। तो कम ट्रैफिक पर भी गूगल ऐडसेंस के माध्यम से आप अपने ब्लॉग पर अच्छी कमाई कर सकते हैं। वहीं अगर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक India, Shri Lanka इन देशों से आ रहा है। तो आप बहुत ज्यादा ट्रैफिक पर भी अच्छे से गूगल ऐडसेंस के माध्यम से कमाई नहीं कर पाएंगे। इन देशों के ट्रैफिक पर गूगल ऐडसेंस बहुत कम सीपीसी देता है। इसलिए इन देशों से आया हुआ ज्यादा ट्रैफिक के माध्यम से हम कम पैसा ही कमा पाएंगे। अगर आपकी वेबसाइट पर यूएसए या कैनेडा से आरहा है। तो आप बहा के ट्रैफिक से अच्छा पैसा कमा सकते हैं। Google AdSense काम कैसे करता है? How Does Google AdSense Work in Hindi जब आप अपना कोई ब्लॉग या यूट्यूब चैनल बनाते हैं। उसके बाद उस पर अगर ऐडसेंस अप्रूव कराने की सोचते हैं। तो गूगल के गाइडलाइंस के अनुसार हमें अपने ब्लॉग या यूट्यूब चैनल पर काम करना पड़ता है। जो गूगल ऐडसेंस के गाइडलाइन हैं। उसके हिसाब से जब हम अपने ब्लॉग या यूट्यूब चैनल पर सभी चीजें फुलफिल कर लेते हैं। उसके बाद हमें गूगल ऐडसेंस पर अकाउंट बनाने के बाद ऐडसेंस अप्रूवल के लिए भेजना पड़ता है। गूगल ऐडसेंस के लिए अप्रूवल भेजने के बाद गूगल हमारे ब्लॉक या यूट्यूब चैनल को चेक करता है। कि हमारी गाइडलाइंस के अनुसार चैनल या ब्लॉक सही है या नहीं। अगर गूगल AdSense के अनुसार हमारा ब्लॉग या यूट्यूब चैनल सही है। तो गूगल उस पर गूगल ऐडसेंस का अप्रूवल दे देता है।अगर गूगल AdSense के अनुसार सही नहीं है तो वह रिजेक्ट कर देता है। जब