What is Alt Text in Hindi | Alt Text क्या है?

हेलो दोस्तों! आज हम इस लेख में Alt Text के बारे में विस्तार से जानेंगे। अगर आप वेबसाइट या ब्लॉग चलाते हैं, तो आपको यह समझना बहुत जरूरी है कि Alt Text क्या होता है और इसका SEO में क्या महत्व है। Alt Text न केवल आपकी वेबसाइट की इमेज SEO को बेहतर बनाता है, बल्कि यह आपकी साइट की एक्सेसिबिलिटी (Accessibility) को भी बढ़ाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि Alt Text का पूरा नाम और मतलब क्या है, यह क्यों जरूरी है, कैसे काम करता है और इसे लिखने के Best Practices क्या हैं। साथ ही हम यह भी समझेंगे कि Alt Text लिखते समय किन गलतियों से बचना चाहिए, इसका SEO से क्या संबंध है, और Screen Readers के लिए यह क्यों उपयोगी है। अंत में हम Alt Text के उदाहरण और कुछ बेहतरीन Optimization Tips पर भी चर्चा करेंगे।

Table of Contents

Alt Text क्या है? (What is Alt Text in Hindi)

Alt Text या Alternative Text एक छोटा सा विवरण होता है जो किसी वेबसाइट की तस्वीर (Image) के लिए लिखा जाता है। अगर किसी वजह से इमेज लोड नहीं होती है, तो यह टेक्स्ट यूजर को दिखाया जाता है ताकि वह समझ सके कि वहां कौन सी तस्वीर थी। यह HTML कोड के अंदर “alt=” टैग में जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए – <img src=”image.jpg” alt=”लैपटॉप पर काम करता व्यक्ति”>।

ऑल्ट टेक्स्ट (Alt Text) का मुख्य उद्देश्य यह है कि इमेज की जानकारी उन लोगों तक भी पहुँचे जो उसे देख नहीं सकते, जैसे विजुअली इम्पेयर्ड यूजर्स जो स्क्रीन रीडर का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही यह सर्च इंजन को भी बताता है कि इमेज में क्या है। इसलिए Alt Text वेबसाइट की Accessibility और SEO दोनों के लिए बेहद जरूरी होता है। जब आप Alt Text सही ढंग से लिखते हैं, तो आपकी वेबसाइट Google Image Search में बेहतर रैंक करती है।

Alt Text का पूरा नाम और इसका मतलब

Alt Text का पूरा नाम “Alternative Text” होता है, जिसका हिंदी में अर्थ है “वैकल्पिक पाठ” या “विकल्प के रूप में लिखा गया टेक्स्ट”। इसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी वेब पेज पर कोई इमेज तकनीकी कारणों से दिखाई नहीं देती। तब Alt Text उस इमेज के स्थान पर एक छोटा विवरण दिखाता है जो बताता है कि तस्वीर में क्या था।

उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने ब्लॉग में एक फूल की तस्वीर डाली है और उसका Alt Text “सुंदर लाल गुलाब का फूल” लिखा है, तो यूजर को तुरंत समझ आ जाएगा कि तस्वीर किस बारे में थी। यह सिर्फ जानकारी देने के लिए ही नहीं बल्कि SEO के लिए भी अहम होता है। क्योंकि Google जैसी सर्च इंजन वेबसाइट की इमेज को पढ़ नहीं सकतीं, इसलिए Alt Text उन्हें यह समझने में मदद करता है कि इमेज किस विषय से जुड़ी है। इस तरह, Alt Text वेबसाइट की विज़िबिलिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

Alt Text क्यों जरूरी है?

ऑल्ट टेक्स्ट Alt Text वेबसाइट के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि यह Accessibility, User Experience और SEO तीनों को बेहतर बनाता है। जब कोई इमेज लोड नहीं होती, तब Alt Text यूजर को बताता है कि वहां क्या होना चाहिए था। इससे वेबसाइट का अनुभव बेहतर होता है।
दूसरा, यह विजुअली इम्पेयर्ड लोगों के लिए बहुत मददगार होता है, क्योंकि स्क्रीन रीडर Alt Text को पढ़कर उन्हें बताता है कि इमेज में क्या दिखाया गया है। तीसरा, SEO के नजरिए से देखें तो Google जैसी सर्च इंजन इमेज को “देख” नहीं सकतीं। इसलिए Alt Text ही सर्च इंजन को बताता है कि इमेज किस टॉपिक से जुड़ी है।
अगर आप सही Alt Text इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी इमेज Google Image Search में भी दिखने लगती हैं, जिससे वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ता है। इसीलिए, Alt Text हर वेबसाइट या ब्लॉग के लिए आवश्यक होता है।

Alt Text कैसे काम करता है?

ऑल्ट टेक्स्ट (Alt Text) HTML कोड के अंदर लिखा जाता है ताकि ब्राउज़र और सर्च इंजन समझ सकें कि किसी इमेज का अर्थ क्या है। इसका उपयोग <img> टैग के साथ किया जाता है जैसे —
<img src=”dog.jpg” alt=”एक प्यारा कुत्ता बगीचे में खेल रहा है”>।
अगर किसी वजह से इमेज लोड नहीं होती, तो “एक प्यारा कुत्ता बगीचे में खेल रहा है” टेक्स्ट यूजर को दिखाई देगा। इसके अलावा, स्क्रीन रीडर भी Alt Text को पढ़कर दृष्टिबाधित लोगों को बताता है कि तस्वीर में क्या था।
Google और Bing जैसे सर्च इंजन Alt Text के आधार पर इमेज को इंडेक्स करते हैं। यानी अगर आपने सही Alt Text लिखा है, तो आपकी इमेज सर्च रिजल्ट में आने की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह Alt Text तकनीकी रूप से वेबसाइट की उपयोगिता और रैंकिंग दोनों बढ़ाने में काम करता है।

SEO में Alt Text की भूमिका

SEO (Search Engine Optimization) में Alt Text की भूमिका बहुत अहम होती है। जब आप वेबसाइट पर कोई इमेज अपलोड करते हैं, तो Google जैसी सर्च इंजन उस इमेज को नहीं “देख” सकतीं, बल्कि उसके कोड को पढ़ती हैं। यही काम Alt Text करता है — यह सर्च इंजन को बताता है कि इमेज किस बारे में है।
अगर आप अपने Alt Text में सही कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी इमेज Google Image Search में रैंक कर सकती है, जिससे आपकी वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक आता है।
इसके अलावा, Alt Text आपकी वेबसाइट की Accessibility भी सुधारता है, जिससे Google को लगता है कि आपकी साइट यूजर-फ्रेंडली है। यह SEO में पॉजिटिव फैक्टर माना जाता है। इसलिए, हर इमेज में साफ, सटीक और कीवर्ड-ऑप्टिमाइज्ड Alt Text होना जरूरी है।

Alt Text लिखने के फायदे

ऑल्ट टेक्स्ट (Alt Text) लिखने से आपकी वेबसाइट को कई फायदे मिलते हैं। पहला, यह सर्च इंजन को बताता है कि इमेज में क्या है, जिससे आपकी इमेज Google Image Search में रैंक कर सकती है। दूसरा, यह Accessibility बढ़ाता है क्योंकि स्क्रीन रीडर इसका उपयोग कर दृष्टिबाधित यूजर्स को जानकारी देता है।
तीसरा, अगर इमेज लोड नहीं होती, तो Alt Text दिखने से यूजर को समझ में आ जाता है कि वहां क्या होना चाहिए था। यह User Experience को बेहतर बनाता है।
इसके अलावा, Alt Text वेबसाइट की Loading Speed और SEO दोनों में अप्रत्यक्ष रूप से सुधार लाता है, क्योंकि Google उन साइटों को प्राथमिकता देता है जो यूजर के लिए Accessible और Informative हों। इसलिए हर इमेज में अच्छा Alt Text जोड़ना एक स्मार्ट SEO प्रैक्टिस है।

Alt Text कैसे लिखें? (Best Practices)

Alt Text लिखते समय हमेशा स्पष्ट, संक्षिप्त और सटीक विवरण लिखें। उदाहरण के लिए, अगर इमेज में एक लाल गुलाब है, तो Alt Text हो सकता है – “लाल गुलाब का सुंदर फूल”।

Alt Text लिखते समय ध्यान रखें:

  • उसमें जरूरी कीवर्ड जरूर जोड़ें, लेकिन Keyword Stuffing न करें।
  • 125 characters से ज्यादा लंबा Alt Text न लिखें।
  • “Image of” या “Picture of” जैसे शब्दों का उपयोग न करें।
  • Alt Text ऐसा लिखें जो किसी अंधे व्यक्ति को इमेज का पूरा दृश्य समझा सके।

इन Best Practices को अपनाने से आपका Alt Text SEO फ्रेंडली और User-Friendly दोनों बन जाएगा।

Alt Text लिखते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ

बहुत से लोग Alt Text लिखते समय कुछ आम गलतियाँ करते हैं, जैसे –

  • Alt Text को खाली छोड़ देना।
  • उसमें बहुत सारे Keywords भर देना (Keyword Stuffing)।
  • इमेज से असंबंधित टेक्स्ट लिखना।
  • बहुत लंबा या जटिल Alt Text लिख देना।

इन गलतियों से आपकी वेबसाइट का SEO प्रभावित हो सकता है। सही तरीका यह है कि Alt Text में सिर्फ वही लिखा जाए जो इमेज में वास्तव में दिख रहा है, और वह टेक्स्ट 100–125 characters तक सीमित रहे। सरल भाषा और सटीक विवरण से Alt Text बेहतर बनता है और वेबसाइट की विज़िबिलिटी बढ़ती है।

Image SEO और Alt Text का संबंध

Image SEO का मतलब होता है वेबसाइट की इमेज को इस तरह ऑप्टिमाइज़ करना कि वह Google Image Search में रैंक करे। Alt Text इसमें सबसे जरूरी भूमिका निभाता है क्योंकि यह बताता है कि इमेज किस बारे में है।
जब आप सही Alt Text, फाइल नाम, साइज और कैप्शन इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी इमेज जल्दी इंडेक्स होती है। इससे वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ता है।
अगर इमेज में आपका टार्गेट कीवर्ड शामिल है, तो यह SEO में अतिरिक्त फायदा देता है।
इसलिए Image SEO और Alt Text एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। बिना Alt Text के आपकी इमेज सर्च इंजन के लिए “अदृश्य” रहती है।

Alt Text का Example (उदाहरण सहित समझें)

मान लीजिए आपके ब्लॉग में एक तस्वीर है जिसमें “लैपटॉप पर SEO सीखता व्यक्ति” दिखाया गया है। तो उसका HTML कोड होगा —
<img src=”seo-learning.jpg” alt=”लैपटॉप पर SEO सीखता व्यक्ति”>
यहां Alt Text बताता है कि तस्वीर में क्या है। अगर इमेज लोड नहीं होती, तो यही टेक्स्ट दिखेगा। साथ ही, सर्च इंजन भी इसे पढ़कर समझ जाएगा कि यह SEO से जुड़ी इमेज है।
इस तरह Alt Text न केवल यूजर के लिए उपयोगी है बल्कि Google के लिए भी। इसलिए हर इमेज के साथ ऐसा स्पष्ट और सार्थक Alt Text जरूर लिखें।

Screen Readers और Accessibility में Alt Text का महत्व

Alt Text दृष्टिबाधित (Blind) लोगों के लिए बहुत जरूरी होता है। वे स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं जो Alt Text को पढ़कर उन्हें बताता है कि तस्वीर में क्या है।
अगर इमेज में Alt Text नहीं होगा, तो स्क्रीन रीडर “Image” कहकर आगे बढ़ जाएगा, जिससे यूजर को जानकारी नहीं मिलेगी।
इसलिए Alt Text वेबसाइट को “Accessible” बनाता है — यानी हर व्यक्ति उसे आसानी से इस्तेमाल कर सके। आजकल Google भी Accessible Websites को SEO में प्राथमिकता देता है।
इसलिए Alt Text केवल SEO नहीं बल्कि मानवता और समावेशिता का भी प्रतीक है।

Alt Text और Title Text में अंतर

ऑल्ट टेक्स्ट (Alt Text) और Title Text दोनों अलग हैं। Alt Text इमेज के लिए लिखा जाता है ताकि सर्च इंजन और यूजर समझ सकें कि इमेज में क्या है। यह Accessibility और SEO के लिए जरूरी होता है। वहीं Title Text तब दिखाई देता है जब कोई व्यक्ति माउस को इमेज पर ले जाता है। यह एक तरह का Tooltip होता है।
Alt Text इमेज के न लोड होने पर दिखता है, जबकि Title Text केवल Hover करने पर दिखता है।
SEO के लिहाज से Alt Text ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि Google उसी के आधार पर इमेज को इंडेक्स करता है।

Alt Text Optimization Tips in Hindi

Alt Text को ऑप्टिमाइज़ करते समय ध्यान रखें:

  • इमेज के Content को स्पष्ट रूप से लिखें।
  • मुख्य कीवर्ड शामिल करें लेकिन Keyword Stuffing न करें।
  • हर इमेज का यूनिक Alt Text लिखें।
  • 100–125 Characters के भीतर रखें।
  • ब्रांड नाम या प्रोडक्ट नाम का उपयोग करें (जहाँ जरूरी हो)।

इन टिप्स से आपका Alt Text SEO और Accessibility दोनों में सुधार करेगा। Google को आपके पेज के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिलेगी और वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ेगी।

Alt Text Checker Tools कौन से हैं?

Alt Text की क्वालिटी जांचने के लिए कई ऑनलाइन टूल्स मौजूद हैं, जैसे —

  • Ahrefs SEO Toolbar
  • Screaming Frog SEO Spider
  • SEOptimer Image Analyzer
  • Yoast SEO Plugin (WordPress के लिए)
  • Siteimprove Accessibility Checker

ये टूल्स बताते हैं कि आपकी वेबसाइट में कौन सी इमेज में Alt Text नहीं है या कहां गलत लिखा गया है। इससे आप अपनी साइट को SEO और Accessibility दोनों के हिसाब से सुधार सकते हैं।
नियमित रूप से Alt Text चेक करना एक अच्छी SEO आदत है।

यह भी पढ़ें:-  

निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको Alt Text के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। हमने इसे आसान और सरल भाषा में समझाने की कोशिश की है ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके। अगर आपके मन में Alt Text से जुड़े कोई सवाल, सुझाव या अनुभव हैं, तो कृपया उन्हें नीचे कमेंट में साझा करें। आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें और भी बेहतर तथा उपयोगी कंटेंट तैयार करने के लिए प्रेरित करती है। हमारी टीम लगातार डिजिटल मार्केटिंग, SEO, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर नए और जानकारीपूर्ण लेख लाने के लिए काम कर रही है। इसलिए हमारे साथ जुड़े रहें, सीखते रहें, और अपने डिजिटल स्किल्स को निखारते रहें ताकि आप ऑनलाइन दुनिया में एक कदम आगे रह सकें।

FAQs:

Q1. Alt Text क्या होता है?

Ans: Alt Text (Alternative Text) एक ऐसा टेक्स्ट होता है जो किसी इमेज के लिए लिखा जाता है ताकि अगर इमेज लोड न हो, तो उसका विवरण दिखे।

Q2. Alt Text का उपयोग क्यों किया जाता है?

Ans: यह वेबसाइट की Accessibility और SEO दोनों को बेहतर बनाता है।

Q3. Alt Text कहाँ लिखा जाता है?

Ans: HTML कोड में <img> टैग के अंदर alt=”…” एट्रिब्यूट में लिखा जाता है।

Q4. Alt Text SEO के लिए कैसे मददगार है?

Ans: यह सर्च इंजन को बताता है कि इमेज किस बारे में है, जिससे आपकी इमेज Google Image Search में रैंक कर सकती है।

Q5. अच्छा Alt Text कैसे लिखें?

Ans: Alt Text छोटा, सटीक और इमेज से संबंधित होना चाहिए (लगभग 125 characters में)।

Q6. क्या हर इमेज में Alt Text जरूरी है?

Ans: हाँ, हर महत्वपूर्ण इमेज में Alt Text जोड़ना चाहिए, खासकर SEO और Accessibility के लिए।

Q7. अगर Alt Text न लिखा जाए तो क्या होता है?

Ans: सर्च इंजन इमेज को समझ नहीं पाएंगे और visually impaired users को जानकारी नहीं मिलेगी।

Q8. क्या Alt Text में Keywords डाल सकते हैं?

Ans: हाँ, लेकिन ज़्यादा keyword stuffing से बचें — केवल relevant keyword डालें।

Q9. Decorative images के लिए Alt Text जरूरी है क्या?

Ans: नहीं, ऐसी images के लिए Alt Text खाली छोड़ा जा सकता है (alt=””)।

Q10. Alt Text और Image Title में क्या फर्क है?

Ans: Alt Text इमेज का विवरण देता है, जबकि Image Title hover करने पर tooltip के रूप में दिखता है।

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What is Google BERT in Hindi | Google BERT क्या है?

हेलो दोस्तों! आज के डिजिटल युग में जब Google यूज़र के सवालों को पहले से कहीं ज़्यादा स्मार्ट तरीके से समझ रहा है, तब Google BERT Algorithm की भूमिका बहुत अहम हो गई है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Google BERT क्या है और यह SEO की दुनिया में इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है। BERT ने Google को सर्च क्वेरी के पीछे छिपे यूज़र इंटेंट को बेहतर ढंग से समझने की क्षमता दी है, जिससे यूज़र को ज़्यादा सटीक और उपयोगी रिज़ल्ट मिलने लगे हैं। पहले जहाँ कीवर्ड्स पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता था, वहीं अब कंटेंट का अर्थ, संदर्भ और भाषा की समझ ज़्यादा मायने रखती है। Google BERT खास तौर पर लंबे, बातचीत जैसे और voice search से जुड़े सवालों को समझने में मदद करता है। इसलिए आज के समय में SEO, कंटेंट मार्केटिंग और ब्लॉगिंग करने वालों के लिए Google BERT को समझना बेहद ज़रूरी हो गया है, ताकि वे यूज़र-फ्रेंडली और सर्च-इंटेंट आधारित कंटेंट तैयार कर सकें। Google BERT क्या है? (What is Google BERT in Hindi) Google BERT एक advanced Natural Language Processing (NLP) आधारित algorithm है, जिसे Google ने user की search query को इंसानों की तरह समझने के लिए विकसित किया है। BERT का मुख्य उद्देश्य केवल keywords को match करना नहीं है, बल्कि पूरे sentence के context और meaning को समझना है। पहले Google search engine किसी query में मौजूद individual words पर ज्यादा ध्यान देता था, लेकिन Google BERT आने के बाद search engine यह समझने लगा कि user वास्तव में क्या जानना चाहता है। यही कारण है कि आज search results पहले से ज्यादा accurate, relevant और intent-based दिखाई देते हैं। SEO के नजरिए से देखा जाए तो Google BERT एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि यह low-quality, keyword-stuffed content की जगह high-quality, user-focused content को महत्व देता है। इसका मतलब यह है कि अब content लिखते समय केवल search engine के लिए नहीं, बल्कि real users के लिए लिखना जरूरी हो गया है। Yoast SEO guidelines के अनुसार, content को readable, meaningful और well-structured होना चाहिए, ताकि Google BERT उसे आसानी से समझ सके और users को बेहतर experience मिल सके। BERT का पूरा नाम और अर्थ BERT का पूरा नाम है Bidirectional Encoder Representations from Transformers। इसका मतलब यह है कि यह algorithm किसी भी sentence को दोनों दिशाओं से यानी left-to-right और right-to-left पढ़कर उसका अर्थ समझता है। पहले के algorithms आमतौर पर एक ही दिशा में words को analyze करते थे, जिससे कई बार sentence का सही मतलब समझ में नहीं आता था। लेकिन Google BERT इस limitation को खत्म करता है और पूरे sentence के context को deeply analyze करता है। सरल भाषा में कहा जाए तो BERT यह समझने की कोशिश करता है कि किसी शब्द का अर्थ उसके आसपास के शब्दों के साथ मिलकर क्या बनता है। उदाहरण के लिए, “bank” शब्द का अर्थ river bank भी हो सकता है और financial bank भी। Google BERT sentence के पूरे context को देखकर तय करता है कि user किस अर्थ में उस शब्द का इस्तेमाल कर रहा है। यही वजह है कि search results पहले से ज्यादा intelligent और user-friendly हो गए हैं। Google ने BERT Algorithm क्यों लॉन्च किया? Google ने BERT Algorithm इसलिए लॉन्च किया क्योंकि users की search queries दिन-ब-दिन ज्यादा conversational और complex होती जा रही थीं। लोग अब short keywords की बजाय long-tail queries और natural language में सवाल पूछते हैं। पुराने algorithms ऐसी queries को पूरी तरह समझ नहीं पाते थे, जिसके कारण कई बार irrelevant results दिखते थे। Google BERT इस समस्या का समाधान है, क्योंकि यह user की language और intent को बेहतर तरीके से समझता है। इसके अलावा Google का मुख्य लक्ष्य हमेशा user experience को बेहतर बनाना रहा है। जब users को उनकी query के अनुसार सही और सटीक जवाब मिलते हैं, तो वे Google पर ज्यादा भरोसा करते हैं। BERT इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो search quality को improve करता है और spammy या misleading content को पीछे धकेल देता है। SEO professionals के लिए इसका मतलब साफ है – अब quality, relevance और intent सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। Google BERT कैसे काम करता है? Google BERT machine learning और deep learning techniques पर आधारित है। यह Transformer model का उपयोग करता है, जो words के बीच relationship को समझने में सक्षम होता है। BERT किसी sentence को पढ़ते समय हर शब्द को उसके पहले और बाद आने वाले शब्दों के साथ जोड़कर देखता है, जिससे sentence का overall meaning स्पष्ट हो जाता है। यही process इसे पहले के algorithms से अलग बनाती है। SEO के perspective से देखें तो BERT का काम content की quality और relevance को evaluate करना है। यह यह नहीं देखता कि आपने कितनी बार keyword इस्तेमाल किया है, बल्कि यह देखता है कि content user के सवाल का सही और पूरा जवाब दे रहा है या नहीं। इसलिए Yoast SEO guidelines के अनुसार, clear headings, short paragraphs और simple language का उपयोग करना जरूरी हो गया है, ताकि Google BERT content को आसानी से process कर सके। BERT और पुराने Google Algorithms में अंतर BERT और पुराने Google algorithms के बीच सबसे बड़ा अंतर context understanding का है। पहले Google mainly exact keywords और backlinks पर ज्यादा निर्भर करता था। अगर content में सही keyword मौजूद है, तो उसके rank करने की संभावना ज्यादा होती थी, भले ही content user-friendly न हो। लेकिन Google BERT आने के बाद scenario पूरी तरह बदल गया है। अब Google यह समझने की कोशिश करता है कि content user की query को कितनी अच्छी तरह satisfy कर रहा है। इसका मतलब यह है कि keyword stuffing या irrelevant backlinks अब उतने effective नहीं रहे। BERT user intent, content depth और language clarity पर ज्यादा ध्यान देता है। यही वजह है कि आज SEO में high-quality, informative और intent-based content सबसे ज्यादा important हो गया है। SEO में Google BERT की भूमिका SEO में Google BERT की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह search engine optimization को पूरी तरह user-centric बना देता है। अब SEO