What is Canonical Tag in Hindi | कैनोनिकल टैग क्या है?

नमस्ते दोस्तों! इस लेख में हम कैनोनिकल टैग पर विस्तार से चर्चा करेंगे। जानेंगे कि कैनोनिकल टैग क्या है(What is Canonical Tag in Hindi)। कैनोनिकल URL किसे कहते हैं। इसके फायदों को समझेंगे और यह भी देखेंगे कि इसे कैसे बनाया और यूज़ किया जाता है। यह टैग SEO के लिए कितना महत्वपूर्ण है। Rel=”canonical” और 301 रीडायरेक्ट में क्या अंतर है? हम यह भी जानेंगे कि कैनोनिकल टैग को कब और कहाँ इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही वर्डप्रेस, Wix, Shopify और ब्लॉगर जैसे प्लेटफॉर्म पर इसे कैसे ऐड करे। इन सभी पॉइंट्स पर चर्चा करेंगे।

अगर आप अपनी कोई वेबसाइट चलाते हैं या SEO (Search Engine Optimization) में काम करते है। तो आप “Canonical Tag” के बारे में जानते होंगे या इसका नाम जरूर सुना होगा। कैनोनिकल टैग वेबसाइट की SEO रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन बहुत से लोगों अभी भी नहीं जानते Canonical Tag क्या है। इसे कैसे सही से यूज़ किया जाता है। इस लेख को पढ़ने के बाद आप Canonical Tag के बारे में सबकुछ समझ जायेंगे। इसे अपने वेबसाइट या ब्लॉग में कैसे यूज़ करे।

Table of Contents

Canonical Tag Kya Hai | What is Canonical Tag in Hindi (कैनोनिकल टैग क्या है?)

Canonical Tag एक HTML टैग होता है। इसका यूज़ डुप्लिकेट कंटेंट की प्रॉब्लम को सुलझाने के लिए किया जाता है। यह सर्च इंजन को बताता है। हमारी वेबसाइट का मुख्य (original) या प्राथमिक URL कौन-सा है। जब एक ही कंटेंट कई URLs पर मौजूद हो।

अगर एक ही कंटेंट इन सभी URLs पर है:

उदाहरण:

  • https://example.com/page
  • https://www.example.com/page
  • https://example.com/page?ref=abc

तो हम सभी पेजों में canonical tag ऐड कर सकते हैं। जैसे: <link rel=”canonical” href=”https://example.com/page” />

Canonical Tag को फ़रवरी 2009 में Google , Yahoo और Microsoft ने मिलकर बनाया था। जिसका मुख्य काम किसी भी वेबसाइट या वेबपेज के Most Preferred Page को सर्च इंजन को बताना था। कैनोनिकल टैग मुख्यतः एक HTML कमांड होती है। यह सर्च इंजन बोट्स को वेबसाइट के head section में मिलता है।

कुल मिलाकर Canonical Tag सर्च इंजन को बताता है। वेबसाइट का कौन सा URL सही है। जिसको Index करना है।

What is Canonical URL in Hindi | कैनोनिकल URL क्या है?

Canonical URL वह मुख्य URL होता है। जिसे सर्च इंजन को यह बताने के लिए सेट किया जाता है। एक जैसे दिखने वाले URLs में से कौन सा URL प्राथमिक रूप से इंडेक्स किया जाए। यह URL डुप्लिकेट कंटेंट को रोकने में मदद करता है। यह SEO को बेहतर बनाता है।

Canonical Tag Basic Structure: <link rel=”canonical” href=”https://technicalskillsup.com/” />

Benefits of Canonical Tag in Hindi | कैनोनिकल टैग के फायदे

आइए जानते हैं कैनोनिकल टैग के कुछ प्रमुख लाभ के बारे में:

  • डुप्लिकेट कंटेंट से बचाव: कैनोनिकल टैग यह सुनिश्चित करता है। यदि आपकी वेबसाइट पर एक ही सामग्री कई URLs पर उपलब्ध है। तो सर्च इंजन केवल मुख्य URL को इंडेक्स करेगा। जिससे डुप्लिकेट कंटेंट की प्रॉब्लम हल होगी।
  • SEO सुधार: कैनोनिकल टैग सर्च इंजन को सही पेज को प्राथमिकता देने में मदद करता है। इससे वेबसाइट की SEO रैंकिंग बेहतर होती है।
  • लिंक जूस का संरक्षण: जब एक पेज के कई वर्शन होते हैं। तब कैनोनिकल टैग लिंक जूस को मुख्य पेज पर जोड़ने में सहायता करता है। जिससे उस पेज की सर्च इंजन रैंकिंग में सुधार होता है।
  • क्रॉलिंग में सुधार: जिससे सर्च इंजन को सही वेब पेजों को क्रॉल और इंटेक्स करने में मदद मिलती है। जिससे वेबसाइट की क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी होती है।
  • यूज़र अनुभव में सुधार: यह सुनिश्चित करता है। जिससे यूज़र्स को को आपकी वेबसाइट का सही वेब पेज मिलें। जिससे वेबसाइट पर यूजर का अनुभव बेहतर होता है।

Why is Canonical Tag Used in Hindi | कैनोनिकल टैग का उपयोग क्यों किया जाता है?

अगर हमारी वेबसाइट पर एक ही कंटेंट कई URL पर है। तब Google कंफ्यूज़ हो सकता है। किसे यूआरएल को SERP रैंक में दिखाये। आप Canonical Tag ऐड करके Google को बता सकते हैं। आपकी वेबसाइट के किस यूआरएल को सर्च इंजन में इंडेक्स किया जाये।

How Does Canonical Tag Help in SEO in Hindi | कैनोनिकल टैग SEO में कैसे मदद करता है?

SEO में कैनोनिकल टैग के मुख्य फायदे:

  • डुप्लिकेट कंटेंट से बचाव: जब एक ही कंटेंट कई URLs पर होता है। इससे SEO रैंकिंग प्रभावित होती है। Canonical टैग से यह प्रॉब्लम हल होती है।
  • लिंक इक्विटी को केंद्रित करता है: सभी लिंक की वैल्यू canonical पेज को मिलती है। जिससे सर्च इंजन में उस पेज की रैंकिंग बेहतर होती है।
  • क्रॉलिंग एफिशिएंसी बढ़ती है: Google जैसे सर्च इंजन डुप्लिकेट पेज स्कैन नहीं करते है। जिस कारण वह जरूरी पेजों को जल्दी क्रॉल कर पाते हैं।
  • रैंकिंग स्थिर रहती है: इससे एक पेज को सर्च इंजन में बार-बार रिपीट नहीं किया जाता है। जिससे उस पेज की पोजीशन मजबूत रहती है।

What is the Difference Between Rel=”canonical” and 301 Redirect in Hindi | Rel=”canonical” और 301 Redirect में क्या अंतर है?

Rel=”canonical” और 301 Redirect में मुख्य अंतर:

विषयRel=”canonical”301 Redirect
उद्देश्ययह सर्च इंजन को प्राथमिक URL को बताता है। यह यूजर और सर्च इंजन को स्थायी रूप से नए URL पर भेजता है। 
कैसे काम करता है?इसको HTML पेज के <head> सेक्शन में ऐड करते है। यह सर्वर-साइड HTTP रीडायरेक्शन द्वारा होता है। 
यूजर को दिखता है?नहीं, इससे यूजर को कुछ फर्क नहीं दिखता है।हाँ, यूजर सीधे नए URL पर रीडायरेक्ट हो जाता है। 
इनका SEO पर क्या प्रभाव पड़ता है। इससे SEO वैल्यू canonical URL को ट्रांसफर होती है। इसमें SEO वैल्यू नए URL को ट्रांसफर होती है। 
इनका पयोग कब करें। जब डुप्लिकेट कंटेंट हो लेकिन सब URL लाइव रहने चाहिए। जब पुराना पेज पूरी तरह से नए पेज में बदल दिया गया हो। 
इनकी लोडिंग प्रक्रिया क्या होती है। इसमें पेज लोड होता है। फिर सर्च इंजन canonical पढ़ता है। इसमें पुराना URL कभी लोड नहीं होता है। सीधा नए पर चला जाता है। 

How to Add Canonical Tag in WordPress in Hindi | वर्डप्रेस में कैनोनिकल टैग कैसे ऐड करें?

WordPress वेबसाइट में Canonical Tag जोड़ने के मुख्य 3 तरीके होते हैं:

1. सबसे आसान तरीका SEO Plugin जैसे Yoast SEO या Rank Math SEO Plugin का यूज़ करके:

✅ Yoast SEO:
  • सबसे पहले पोस्ट या पेज एडिट करें।
  • इसकेबाद नीचे Yoast SEO सेक्शन में जाएं।
  • यहाँ “Advanced” टैब पर क्लिक करें।
  • यहाँ “Canonical URL” फील्ड में सही URL ऐड करे।
  • इसकेबाद Update बटन पर क्लिक करें।
✅ Rank Math SEO:
  • सबसे पहले पोस्ट या पेज एडिट करें।
  • इसकेबाद नीचे Rank Math सेक्शन में जाएं।
  • यहाँ “Advanced” टैब पर जाएं
  • यहाँ “Canonical URL” फील्ड में सही URL ऐड करे।
  • इसकेबाद Update बटन पर क्लिक करें।

2. Manually Theme में Code ऐड करके।

इसमें WordPress Theme के header.php फाइल में <head> टैग सेक्शन के अंदर यह कोड ऐड करे:

<link rel=”canonical” href=”<?php echo get_permalink(); ?>” />

3. Custom Function के जरिए। Advanced Users के लिए।

functions.php में यह कोड ऐड कर सकते हैं:

function add_canonical_tag() {
if (is_singular()) {
echo ‘<link rel=”canonical” href=”‘ . get_permalink() . ‘” />’ . “\n”;
}
}
add_action(‘wp_head’, ‘add_canonical_tag’);

How to Add Canonical Tag in Wix in Hindi | Wix में कैनोनिकल टैग कैसे ऐड करें?

Wix वेबसाइट में Canonical Tag को ऐड करने के सिंपल स्टेप्स:

  • सबसे पहले Wix Editor में लॉग इन करें।
  • उस पेज को सेलेक्ट करें। जिसमें आप canonical tag ऐड करना चाहते हैं।
  • इसकेबाद बाद लेफ्ट साइड मेनू से “Menus & Pages” पर क्लिक करें।
  • फिर पेज पर जाएं और तीन डॉट्स (…) पर क्लिक करें। फिर SEO Basics सेलेक्ट करें।
  • इसकेबाद नीचे स्क्रॉल करें और “Advanced SEO” सेक्शन में जाएं।
  • यहाँ आपको “Canonical URL” का ऑप्शन मिलेगा।
  • उसमें आप अपना Canonical URL ऐड करे, जैसे: https://www.example.com/your-main-page
  • इसकेबाद सेव करें और पब्लिश करें।

How to Add Canonical Tag in Blogger in Hindi | Blogger में कैनोनिकल टैग कैसे ऐड करें?

Blogger में Canonical Tag ऐड करने के सिंपल स्टेप्स:

  • सबसे पहले Blogger Dashboard में जाएं।
  • इसकेबाद Theme पर क्लिक करें।
  • फिर ऊपर दाईं ओर “Customize” के पास “Edit HTML” पर क्लिक करें।
  • फिर <head> टैग को सर्च करें।
  • इसकेबाद <head> के ठीक नीचे कोड को ऐड करे: <link rel=’canonical’ expr:href=’data:blog.canonicalUrl’/>
  • फिर Save Theme पर क्लिक करें।

यह भी पढ़ें:-  

निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तों! हमें उम्मीद है, कैनोनिकल टैग पर यह लेख आपके लिए उपयोगी और जानकारीपूर्ण रहा होगा। हमारा उद्देश्य हमेशा यह रहता है कि हम आपके तकनीकी सवालों का सरल और सटीक समाधान प्रदान करें। यदि इस लेख के बाद भी आपके मन में कोई सवाल या शंका हो। तो कृपया नीचे टिप्पणी अनुभाग में पूछें। हम आपके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए हमें जरूर बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा। कृपया इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।

FAQs:

Q1. Canonical Tag क्या होता है?

Ans. Canonical Tag एक HTML टैग होता है। वह सर्च इंजन को बताता है। जब हमारी वेबसाइट पर एक पेज कई यूआरएल बन जाते है। तब हम कैनोनिकल टैग के माध्यम से सर्च इंजन को अपने मुख्य वेबपेज url के बारे में बताते हैं।

Q2. Canonical Tag क्यों ज़रूरी होता है?

Ans. यह डुप्लिकेट कंटेंट की प्रॉब्लम को हल करने में बहुत मदद करता है। इससे SEO में बहुत मदद मिलती है।

Q3. Canonical Tag कैसे लिखा जाता है?

Ans. example: <link rel=”canonical” href=”https://www.example.com/page” />

Q4. Canonical Tag और 301 Redirect में क्या अन्तर है?

Ans. Canonical Tag और 301 Redirect में मुख्य अन्तर:

  • Canonical Tag यूज़र को रीडायरेक्ट नहीं करता है। यह सिर्फ सर्च इंजन को गाइड करता है।
  • जब कि 301 Redirect यूज़र और सर्च इंजन दोनों को नई URL पर भेज देता है।
Q5. क्या एक पेज पर multiple Canonical Tags हो सकते हैं?

Ans. नहीं, एक पेज पर केवल एक ही Canonical Tag होना चाहिए।

Q6. Canonical Tag कहां लगाना चाहिए?

Ans. Canonical Tag को वेबसाइट के <head> सेक्शन में लगाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

Domain Authority क्या है | What is Domain Authority in Hindi

हेलो दोस्तों आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आप लोगों को डोमेन अथॉरिटी (Domain Authority) के बारे में बताने जा रहे हैं। Domain Authority क्या है | (What is Domain Authority in Hindi) हम अपने ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी कैसे बढ़ाएं। Domain Authority कैसे Check करें। यह सब कुछ इस लेख के माध्यम से हम आप लोगों को विस्तार में बताएंगे। अगर आप जानना चाहते हैं।वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी कैसे इनक्रीस करें। तो हमारे साथ इस लेख पर जुड़े रहे। अगर आप ब्लॉगर हे या SEO फील्ड में जॉब करते हैं। तो आप Domain Authority के बारे में जरूर जानते होंगे। डोमेन अथॉरिटी क्या हे। अगर आप किसी अन्य फील्ड में जॉब करते हे। तो आप हमारा यह लेख पढ़कर इसके बारे में सबकुछ जान सकते हे। इस डिजिटल के यूज में Internet पर रोजाना हजारो की संख्या में वेबसाइट या ब्लॉग बनते हे। पर लोगो को SEO के बारे में जानकारी न होने के कारण बहुत कम ब्लॉग या वेबसाइट सफल हो पाते हे। इसलिए SEO के बारे में जानकारी सम्पूर्ण जानकारी पाने के लिए। हमारी इस वेबसाइट पर जुड़े रहे। हम इस वेबसाइट के माध्यम से SEO के बारे में step by step जानकारी देते रहेंगे। यह भी पढ़ें:- यह भी पढ़ें:-SEO Interview Questions in Hindi अपनी वेबसाइट की SERP में रैंक बढ़ाने के लिए। वेबसाइट की Domain Authority एक Important Factor है। इसलिए Domain Authority के बारे जाना बहुत जरुरी हे। इसको increase करके आप अपनी वेबसाइट की SERP में रैंक इनक्रे कर सकते हे। Domain Authority के बारे में सम्पूर्ण जानकारी पाने के लिए इस लेख को जरूर पढ़े। तो चलिए बिना ज्यादा समय गंवाए हुए शुरू करते हैं। Domain Authority Kya Hai | What is Domain Authority in Hindi (Domain Authority क्या है) DA की फुल फॉर्म Domain Authority हे। यह एक ऐसी Metrix हे जिसके माध्यम से हमें किसी वेबसाइट की सर्च इंजन पर value का पता चलता हे। सरल सब्दो में कहे तो Domain Authority का साधारण सा मतलब होता है। इसके माध्यम से हमें सर्च इंजन पर सभी वेबसाइट की Reputation का पता चलता हे। Domain Authority metric को MOZ कंपनी ने बनाया है। यह सर्च इंजन पर वेबसाइट की reputation के अनुसार 1 से लेकर 100 के अन्दर रेटिंग देता हे। DA, SEO का एक बहुत ही महत्वपूर्ण factor है। जो वेबसाइट की रेपुटेशन के अनुसार सर्च इंजन पर वेबपेजेस को रैंक कराता हे। किसी भी वेबसाइट की Domain Authority जितनी ज्यादा होगी उतनी हे आसानी से बो सर्च इंजन पर बो रैंक करेगी। डोमेन अथॉरिटी कैसे बढ़ाएं | How to Increase DA in Hindi डोमेन अथॉरिटी एक मेट्रिक है जिससे वेबसाइट की विश्वसनीयता और खोज इंजन रैंकिंग में उसकी अथॉरिटी अनुमान लगाता है। इसे 1 से 100 के पैमाने पर मापा जाता है। यहाँ कुछ मुख्य तरीके दिए गए हैं। जिनका यूज़ करके आप अपनी वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी बढ़ा सकते हैं: अपनी वेबसाइट के लिए हाई-क्वालिटी वेबसाइटों पर बैकलिंक्स क्रिएट करे। अपनी वेबसाइट पर यूजर फ्रेंडली, SEO के अनुकूल सिंपल और सरल सामग्री का यूज़ करे। वेबसाइट का ऑन-पेज SEO सही से करे. जैसे: मेटा टाइटल, मेटा डिस्क्रिप्शन, हेडिंग और कीवर्ड्स का सही से यूज़ करें। वेबसाइट को मोबाइल फ्रेंडली और रेस्पॉन्सिव डिज़ाइन करे। वेबसाइट की लोडिंग स्पीड फ़ास्ट होनी चाहिए। अपनी वेबसाइट की इंटरनल लिंकिंग बढ़ाये। Domain Authority कैसे Check करें | How to Check Domain Authority in Hindi वेबसाइट के डोमेन अथॉरिटी चेक करने के लिए।आप Moz, Ahrefs, या SEMrush जैसे SEO टूल्स का यूज़ कर सकते हैं। Moz डोमेन अथॉरिटी चेक करने के लिए सबसे लोकप्रिय तरीका है। यहाँ वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी चेक करने के कुछ बेहतरीन टूल्स की लिस्ट दी गई है: Moz Domain Authority Checker Ahrefs Domain Rating Checker SEMrush Authority Score Ubersuggest Domain Score Checker Small SEO Tools Domain Authority Checker Website SEO Checker Domain Authority की गणना कैसे की जाती है? डोमेन अथॉरिटी (DA) एक मेट्रिक है। जिसको Moz ने डेवलप किया है। जो यह अनुमान लगाता है। कि कोईभी वेबसाइट SERP में कितनी अच्छी रैंक कर सकती है। इसकी गणना 1 से 100 DA के स्केल पर की जाती है। डोमेन अथॉरिटी की गणना कई फैक्टर्स पर निर्भर होती है। जैसे: वेबसाइट के लिए हाई क्वॉलिटी बैकलिंक्स की संख्या और गुणवत्ता, वेबसाइट की उम्र, कंटेंट की प्रासंगिकता और MozRank यह एक लॉगरिदमिक स्केल पर काम करता है। वेबसाइट का DA 30 से 40 तक बढ़ना आसान होता है। लेकिन वेबसाइट का DA 70 से 80 तक पहुंचना बहुत कठिन होता है। जल्दी और तेजी से DA बढ़ाने के लिए उच्च-गुणवत्ता बाली वेबसाइट पर बैकलिंक्स क्रिएट करे। यह भी पढ़ें:-   What is Android in Hindi Hostinger Kya Hai What is Google Search Console in Hindi Digital Marketing Interview Questions in Hindi What is Search Engine in Hindi What is Digital Marketing in Hindi What is Search Engine in Hindi What is Technical SEO in Hindi What is Black Hat SEO in Hindi What is Sitemap in Hindi What is Off Page SEO in Hindi What is Blogging in Hindi निष्कर्ष | Conclusion दोस्तों आशा करता हूं, हमारा यह लेख पढ़कर आप लोगों को डोमेन अथॉरिटी क्या है। (What is Domain Authority in Hindi) इसके बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। अगर आप इस से रिलेटेड और कुछ जानना चाहते हैं। तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करके मैं पूछ सकते हैं। अगर आपको हमारा यह लेख पढ़कर सही जानकारी मिली हो। तो हमारे इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। ऐसे ही नई-नई जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद! FAQs: Q1: डोमेन अथॉरिटी (DA) क्या होती है? Ans: डोमेन अथॉरिटी (DA) एक मैट्रिक है। जिसे Moz ने डेवलप किया है। यह 1 से 100 DA तक की स्केल पर किसी वेबसाइट की रैंकिंग को दर्शाता है। Q2: डोमेन अथॉरिटी को कैसे मापा जाता है? Ans: डोमेन अथॉरिटी को कई फैक्टर्स के आधार पर मापता है, जैसे: एक्सटर्नल बैकलिंक्स की संख्या और गुणवत्ता वेबसाइट के लिए क्रिएट किये गए कुल वैकलिंक्स वेबसाइट का ऑन-पेज, ऑफ-पेज और टेक्निकल SEO सही होना चाहिए। Q3: क्या डोमेन अथॉरिटी

Robots.txt फ़ाइल क्या है | What is Robots.txt File in Hindi?

हेलो दोस्तों, आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को Robots.txt File के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप Robots.txt File के बारे में नहीं जानते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत लाभदायक होने वाला है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को विस्तार से बताएंगे Robots.txt File क्या होती है। (What is Robots.txt File in Hindi) इसका क्या यूज होता है। इसको हम कैसे क्रिएट करते हैं। अगर आप ब्लॉगर या डिजिटल मार्केटर है, तो आपको Robots.txt File के बारे में अवश्य पता होगा। पर आपको Robots.txt File के बारे में पता तो है। पर आप यह नहीं जानते कि Robots.txt File को कैसे क्रिएट करते हैं। तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा अवश्य पढ़ें। आपको Robots.txt File के बारे में अवश्य पूरी जानकारी मिल जाएगी। इस फाइल को कैसे क्रिएट करते हैं। Robots.txt File हमारी वेबसाइट के लिए क्यों आवश्यक है। Robots.txt File Kya Hai | What is Robots.txt File in Hindi (Robots.txt फ़ाइल क्या है) Robots.txt एक फाइल है। जिस फाइल के माध्यम से हम सर्च इंजन क्रॉलर को बताते हे, कि वेबसाइट के किस पेज को सर्च इंजन में Crawl करना हे और किस पेज को Crawl नहीं करना हे। Short Definition of Robots.txt File in Hindi सभी websites में Robots.txt File एक वह फाइल होती है। जिसके माध्यम से सर्च इंजन क्रॉलर या बॉट्स को यह निर्देश दिया जाता है। कि हमारी वेबसाइट के किस पेज को क्रॉल करना है और किस पेज को क्रॉल नहीं करना। Robots.txt फाइल के फायदे Robots फाइल सर्च इंजन क्रॉलर को बताता है कि वेबसाइट के किस पेज को Crawl और Index करना है और किस पेज को नहीं करना। Robots फाइल के माध्यम से आप अपनी वेबसाइट की किसी खास फाइल, फोल्डर, इमेज, pdf आदि को सर्च इंजन में Index होने से Disallow किया जा सकता है। इसके माध्यम किसी भी वेबसाइट के पुरे सेक्शन को Private कर सकते है। txt फाइल के माध्यम से वेबसाइट के पेज को SERPs में रैंक दिखाने से रोक सकते हैं। Robots फाइल के माध्यम से आप अपनी वेबसाइट के low quality pages को ब्लाक करके अपनी Website के Technical SEO में सुधार कर सकते है। Robots.txt file का Basic Syntax क्या है User-Agent: अगर आप अपनी वेबसाइट को सभी सर्च इंजन पर इंडेक्स करना चाहते हो। तो User-Agent: के साथ * सिंबल का प्रयोग करते हैं। आप केवल गूगल पर अपनी वेबसाइट इंडेक्स करना चाहते हो। तो User-Agent: के साथ googlebot का यूज़ करते हे। अगर आप अपनी वेबसाइट को केवल Bing पर इंडेक्स करना चाहते हो। तो User-Agent: के साथ Bingbot का यूज़ करते हे। यह भी पढ़े:- What is Local SEO in Hindi Allow: इस सेक्सशन में वेबसाइट Page, Folder, या Web-Content का Path लिखते हैं। हम जिन वेबसाइट के Page को सर्च इंजन में Index कराना चाहते हे। Disallow: इस सेक्सशन में वेबसाइट Page, Folder, या Web-Content का Path लिखते हैं। हम जिन वेबसाइट के Page को सर्च इंजन में Index नहीं कराना चाहते हे। Example 1. अगर आप अपनी वेबसाइट को सभी सर्च इंजन बोट्स में Crawl करने के लिए Allow करना चाहते हैं! User-Agent: * Allow: /wp-content Disallow: /wp-content/plugins/ Disallow: /wp-admin/ Example 2. अगर आप अपनी वेबसाइट को केवल Google के Search Engine Bots में Crawl करने के लिए Allow करना चाहते हैं! User-Agent: googlebot Allow: /wp-content Disallow: /wp-content/plugins/ Disallow: /wp-admin/ Example 3. अगर आप अपनी वेबसाइट को केवल Bing के Search Engine Bots में Crawl करने के लिए Allow करना चाहते हैं! User-Agent: bingbot Allow: /wp-content Disallow: /wp-content/plugins/ Disallow: /wp-admin/ Website में Robots.txt File कैसे देखें अगर आप किसी भी वेबसाइट की Robots.txt File देखना चाहते है। तो आप बड़ी आसानी से सभी वेबसाइट की Robots.txt File देख सकते हैं! इस फाइल को चेक करने के लिए सबसे पहले किसी एक Browser को Open करना होगा। इसके बाद अपनी वेबसाइट को ओपन करके Domain के बाद /robots.txt लिख दीजिये! Example: https://www.example.com/robots.txt यह भी पढ़ें:-   Google Analytics क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Google AdSense क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Search Engine क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Robots.txt फ़ाइल क्या है पूरी जानकारी हिंदी में Sitemap क्या है और कैसे बनाये पूरी जानकारी हिंदी में निष्कर्ष | Conclusion  दोस्तों आशा करता हूं, हमारा यह आर्टिकल पढ़कर आप लोगों को रोबोट और पीएसटी फाइल के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गई हो। अगर हमारा आर्टिकल पढ़कर आप लोगों को सही इंफॉर्मेशन मिली हो। तो हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। ऐसे ही इनफॉर्मेटिव आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद! FAQs Q1. किसी भी वेबसाइट की Robots.txt File कैसे देखें? Ans: “Robots.txt File देखने के लिए अपनी वेबसाइट को ओपन करके Domain के बाद /robots.txt लिख दीजिये! Example: https://www.example.com/robots.txt. Q2 Robots.txt File का प्रयोग क्यों किया जाता है? Ans: वेबसाइट का कौन सा पेज Serach Engine क्रॉल करना है और कौन सा पेज क्रॉल नहीं करना है यह निर्देश सर्च इंजन क्रॉलर को देने के लिए Robots.txt File का प्रयोग किया जाता है। Q3. किसी वेबपेज की Crawling को कैसे रोक सकते हैं? Ans: आप Robots.txt File में Disallow करके किसी भी वेबपेज की Crawling को रोक सकते हैं। Q4. Robots.txt फाइल कहाँ मौजूद होती है? Ans: Robots.txt File वेबसाइट के रूट फोल्डर में मौजूद होती है. Q5. यदि Robot.txt File का प्रयोग ना किया जाए तो तब क्या होगा? Ans: अगर हम अपनी वेबसाइट में Robot.txt File ऐड नहीं करते हे। तो ऐसे में सर्च इंजन हमारे सभी पेजेज को इंडेक्स करेगा। इससे हमारी वेबसाइट की सिक्योरिटी प्रॉब्लम रहेगी।

Black Hat SEO क्या है | What is Black Hat SEO in Hindi

हेलो दोस्तों, आज इस लेख के माध्यम से हम आप लोगों को Black Hat SEO बारे में बताने जा रहे हैं। Black Hat SEO क्या है। (What is Black Hat SEO in Hindi) हमें अपनी वेबसाइट के लिए Black Hat SEO करनी चाहिए या नहीं। Black Hat SEOकरना सही हे या गलत हे। यह सब कुछ इस लेख के माध्यम से आप लोगों को विस्तार में बताएंगे। अगर आप Black Hat SEO के बारे में जानना चाहते हैं। तो हमारे साथ इस पोस्ट पर जुड़े रहे। इस डिजिटल युग में अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को SERP में टॉप पर रैंक कराने के लिए मुख्य दो SEO Techniques हे। जब हम अपनी वेबसाइट को SERP में रैंक कराने के लिए सर्च इंजन की Guidelines के अनुसार अपडेट करते हे। उसे White Hat SEO कहते हे और जब हम सर्च इंजन की Guidelines के बिपरीत अपडेट करते हे। उसे Black Hat SEO कहते हे। जब हम कम समय में वेबसाइट या ब्लॉग के माध्यम से पैसा कमाना चाहते हे। तो हम कम समय में पैसा कमाने के लिए अथिकतर Black Hat SEO का यूज़ करते हे। हम इसके माध्यम से short टर्म में पैसा तो कमा सकते हे। अगर आप लम्बे समय तक पैसा कमाना चाहते हे। तो हमारे लिए यह तकनीक सही नहीं हे। Black Hat SEO Kya Hai | What is Black Hat SEO in Hindi (Black Hat SEO क्या है) Black Hat SEO एक SEO की ऐसी Technique हे। जिस Technique का यूज़ करके हम सर्च इंजन की गाइडलाइन्स को Ignore करते हुए वेबसाइट या ब्लॉग को SERP में टॉप पर रैंक कराकर और ट्रैफिक लाने के लिए करते हे। इसका यूज़ हम केवल सर्च इंजन के Crawler और Robots को ध्यान में रखकर करते हे। इसके माध्यम से हम कम समय में SERP में अपने ब्लॉग या वेबसाइट रैंक कराकर अच्छा ट्रैफिक ला सकते हे। अगर आप ब्लैक हैट SEO करके अपनी वेबसाइट को रैंक में लाना चाहते हो। तो सर्च इंजन आपकी वेबसाइट या ब्लॉग को कभी Blacklist या Ban कर सकता हे। जब सर्च इंजन एक बार आपकी वेबसाइट या ब्लॉग को Blacklist या Ban कर देता हे। तो आप उस वेबसाइट को कभी सर्च इंजन में रैंक नहीं करा सकते। यदि आप कम समय में पैसा कमाना चाहते हैं। तो Black Hat SEO Technique आपके लिए बिल्कुल सही हे। पर Black Hat SEO से पैसा कमाने में Risk रहता हे। कभी आप अच्छा पैसा कमा सकते हो और कभी बिल्कूल नहीं। इसलिए आप लम्बे समय तक पैसा कमाना चाहते हो। तो आपको White Hat SEO Technique का यूज़ करना चाहिए। Type of SEO Techniques 1. White Hat SEO 2. Black Hat SEO ब्लैक हैट एसईओ तकनीक | Black Hat SEO Technique Black Hat SEO करने की बेस्ट Techniques ये है। Keyword Stuffing Duplicate Content Hidden/ Invisible Text and Links Unrelated Meta Description 1. Keyword Stuffing SEO में कीवर्ड Stuffing एक ऐसा प्रोसेस है। जब हम अपने targeted Keywords को वेबसाइट पेज या ब्लॉग के कंटेंट में बार बार जरुरत से ज्यादा यूज़ करते हे। इसी को Keywords Stuffing कहते हे। जब हम ये सब करते हे। ये सब Black Hat SEO में आता हे। लोग अधिकतर कीवर्ड Stuffing सर्च इंजन को ध्यान में रखकर करते हे। ताकि उनका ब्लॉग पोस्ट सर्च इंजन में जल्दी से रैंक कर सके। इससे अपने पोस्ट को कुछ समय के लिए SERP में रैंक करा सकते हे। पर यूजर के दृष्टिकोण से यह तरीका सही हे। क्योकि यूजर जब आपके कंटेंट को पढ़ेगा तो उसे बार बार एक ही कीवर्ड मिलेगा और जरुरत की जनजारी नहीं मिलेगी। तो यूजर आपकी वेबसाइट पर दुबारा विजिट नहीं करेगा। इसलिए यह यूजर के दृष्टिकोण नहीं है।  2. Duplicate Content जब हम कोई अपनी वेबसाइट या ब्लॉग बनाते हैं। वेबसाइट बनाने के बाद उसे गूगल में रैंक कराने के लिए। उस पर कंटेंट पब्लिश करना होता हे। जब लोगो के पास कंटेंट नहीं होता हे तो बह किसी और की वेबसाइट से कंटेंट copy करके अपनी वेबसाइट पर पब्लिश कर देते हे। इसी को Duplicate Content कहते हे। ऐसा करने से आपकी वेबसाइट कभी SERP में टॉप पर रैंक नहीं करेगी। 3. Hidden/ Invisible Text and Links जब हम किसी पोस्ट को Black Hat SEO के माध्यम से जल्दी SERP में रैंक करने के लिए कंटेंट में जरुरत से ज्यादा टारगेट Keywords यूज़ करते हे और कीवर्ड्स पर Hyper Link लगाकर उस कंटेंट को background colors के साथ invisible कर देते हे। इसी को Hidden/Invisible Text and Links कहते हे। 4. Unrelated Meta Description Meta Description में हम अपने पोस्ट के बारे में short description के माध्यम से बताते हैं। हमारी पोस्ट किस टॉपिक पर लिखी हुए हे। पर हम उसमें बार बार टारगेट कीवर्ड यूज़ करते हे। या पोस्ट से रिलेटेड नहीं लिखते हे। यह Black Hat SEO कहलाता हे। निष्कर्ष | Conclusion दोस्तों आशा करता हूँ, यह लेख पढ़कर आप लोगों को Black Hat SEO के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। अगर आपको हमारा लेख पढ़कर सही जानकारी मिली हो। तो हमारे लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। ऐसे ही इनफॉर्मेटिव आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। यह लेख पढ़ने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद! यह भी पढ़ें:-   SEO Interview Questions in Hindi What is Android in Hindi What is Keyword in Hindi Hostinger Kya Hai What is Google Search Console in Hindi Digital Marketing Interview Questions in Hindi What is Search Engine in Hindi What is Digital Marketing in Hindi What is Search Engine in Hindi What is Technical SEO in Hindi What is Sitemap in Hindi What is Off Page SEO in Hindi What is Blogging in Hindi What is Domain Authority in Hindi FAQs Q1. Black Hat SEO क्या है? Ans: “Black Hat SEO एक SEO की ऐसी Technique हे। जिस Technique का यूज़ करके हम सर्च इंजन की गाइडलाइन्स को Ignore करते हुए वेबसाइट या ब्लॉग को SERP में टॉप पर रैंक कराकर और ट्रैफिक लाने के लिए करते हे। Q2. क्या Black Hat SEO Techniques आसान है? Ans: हाँ, Black Hat SEO Techniques आसान हे। पर यह Short