What is Core Web Vitals in Hindi | Core Web Vitals क्या है?

हेलो दोस्तों! आज इस लेख के माध्यम से हम कोर वेब वाइटल्स के बारे में विस्तार से जानेंगे। इसमें हम समझेंगे कि कोर वेब वाइटल्स क्या है, (What is Core Web Vitals in Hindi), Core Web Vitals का SEO में महत्व क्या है, कोर वेब वाइटल्स क्यों महत्वपूर्ण हैं, कोर वेब वाइटल्स कैसे सुधारें, कोर वेब वाइटल्स के मुख्य घटक क्या है, Core Web Vitals की रिपोर्ट कैसे देखें, Core Web Vitals Issue Fix कैसे करें, कोर वेब वाइटल्स को मापने के लिए टूल्स क्या है? अगर आप कोर वेब वाइटल्स के बारे में जानना चाहते है। तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी होगा। आइए कोर वेब वाइटल्स को विस्तार से समझते हैं!

Table of Contents

Core Web Vitals Kya Hai | What is Core Web Vitals in Hindi (कोर वेब वाइटल क्या है?)

कोर वेब वाइटल्स (Core Web Vitals) गूगल के Page Experience Update का एक मेट्रिक्स हैं। जिससे किसी भी वेबसाइट के प्रदर्शन को जांच सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से तीन चीजों को मापते हैं। जैसे: वेब पेज की लोडिंग स्पीड, यूजर इंटरएक्शन और पेज का स्थिर दिखना। अगर कोई वेबसाइट जल्दी ओपन होती है। और वह मोबाइल फ्रेंडली हे या नहीं। तो यह यूजर के अनुभव को और बेहतर बनाता है। कोर वेब वाइटल्स का ध्यान रखना इसलिए जरूरी है। इससे गूगल रैंकिंग पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इसलिए कोर वेब वाइटल्स SEO के लिए महत्वपूर्ण होता है।

Key Components of Core Web Vitals in Hindi | कोर वेब वाइटल्स के मुख्य घटक क्या है?

Google के Core Web Vitals वेबसाइट के प्रदर्शन और यूजर के अनुभव को मापने वाले महत्वपूर्ण संकेतक हैं। ये मुख्य रूप से तीन प्रमुख घटकों पर केंद्रित होता हैं।

  • LCP (Largest Contentful Paint)
  • FID (First Input Delay)
  • CLS (Cumulative Layout Shift)

1. Largest Contentful Paint (LCP)

LCP (Largest Contentful Paint) किसी भी वेबसाइट के सबसे बड़े और मुख्य कंटेंट के लोडिंग स्पीड को मापता है। यह यूजर को दिखाए जाने वाले सबसे बड़े तत्व (जैसे: इमेज, CTA, वीडियो या टेक्स्ट) के लोड होने बाले समय को बताता है।

✅ LCP का अच्छा स्कोर: 2.5 सेकंड या उससे कम होना चाहिए।
❌ खराब LCP स्कोर: 4 सेकंड या उससे अधिक होता है।

LCP को कम करने या सुधारने के तरीके:
  • अच्छी वेब होस्टिंग या सर्वर का यूज़ करे।
  • बड़े इमेज और वीडियो के साइज को ऑप्टिमाइज़ करें।
  • CSS और JavaScript फाइलों को शार्ट करें।
  • ब्राउज़र कैशिंग को इनेबल करें।

2. First Input Delay (FID)

FID (First Input Delay) यह मापता है। किसी यूजर द्वारा किसी लिंक, बटन, या अन्य इंटरएक्टिव एलिमेंट पर क्लिक करने के बाद वेबसाइट कितनी जल्दी ओपन होती है। यह वेबसाइट की तेजी और यूजर अनुभव को दर्शाता है।

✅ अच्छा FID स्कोर: 100 मिलीसेकंड से कम होना चाहिए।
❌ खराब FID स्कोर: 300 मिलीसेकंड से ज्यादा होता है।

FID सुधारने के मुख्य तरीके:
  • अनावश्यक और लॉन्ग JavaScript कोड को शार्ट करें।
  • CSS और स्क्रिप्ट्स को बेहतर और शार्ट बनाएं।
  • वेब वर्कर्स का यूज़ करें।
  • Lazy Loading तकनीक का यूज़ करे ।

3. Cumulative Layout Shift (CLS)

CLS (Cumulative Layout Shift) वेबसाइट के लोड होने के दौरान एलिमेंट्स (जैसे बटन, इमेज, टेक्स्ट) के अचानक शिफ्ट होने को मापता है। अगर यूजर किसी बटन पर क्लिक करना चाहता है। लेकिन वह अचानक से अपनी जगह बदल लेता है। यह यूजर को गलत एक्सपीरियंस देता है।

✅ अच्छा CLS स्कोर: 0.1 या इससे कम होना चाहिए।
❌ खराब CLS स्कोर: 0.25 या इससे ज्यादा होता है।

CLS सुधारने के मुख्य तरीके:
  • इमेज, वीडियो और एड्स के लिए एक निश्चित साइज (Width & Height) निर्धारित करें।
  • फ़ॉन्ट स्विचिंग से बचें।
  • अपनी वेबसाइट के लेआउट को स्थिर रखें।
  • एनिमेशन और डायनेमिक कंटेंट को सही तरीके से लोड करें।

Core Web Vitals क्यों ज़रूरी हैं?

Google के Core Web Vitals किसी भी वेबसाइट के प्रदर्शन और यूजर के अनुभव को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता हैं। इससे SEO में रैंकिंग प्रभावित होती है।

  • गूगल रैंकिंग में सुधार: बेहतर कोर वेब वाइटल्स का मतलब बेहतर SEO स्कोर होता है। इससे गूगल सर्च रिजल्ट् में टॉप रैंक ला सकते है।
  • तेज़ लोडिंग स्पीड: अगर कोई वेबसाइट तेजी से ओपन होती है। जिससे हमारी वेबसाइट का बाउंस रेट कम होता है।
  • बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव: यदि हमारी वेबसाइट तेज़ी से लोड होती है। यूजर के इनपुट पर जल्दी प्रतिक्रिया देती है, और स्थिर रहती है। इससे वेबसाइट का अनुभव सुगम बनता है और विज़िटर ज़्यादा समय बिताते हैं।
  • कन्वर्ज़न रेट बढ़ता है: तेज़ और स्थिर वेबसाइट यूजर को अधिक आकर्षित करती है।

इसलिए, किसी भी वेबसाइट के लिए Core Web Vitals को ऑप्टिमाइज़ करना बेहद जरूरी है।

Core Web Vitals का SEO में महत्व क्या है?

कोर वेब वाइटल्स (Core Web Vitals) के SEO में मुख्य महत्व यह हैं।

  • LCP : कम समय में लोड होने वाली वेबसाइटें SERP में आसानी से बेहतर रैंक करती हैं।
  • FID: यूजर के क्लिक करने पर जो वेब पेज जितनी तेज़ी से ओपन होती है। ऐसी वेबसाइट को यूजर ज्यादा पसंद करते हैं।
  • CLS: जिन वेबसाइट का लेआउट जितना स्थिर होता है। इन वेबसाइट को यूजर ज्यादा पसंद करते हैं।

बेहतर कोर वेब वाइटल्स का मुख्य मतलब है। SERP में टॉप रैंकिंग, वेबसाइट पर अधिक ट्रैफ़िक, और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस।

कोर वेब वाइटल्स कैसे सुधारें?

कोर वेब वाइटल्स को सुधारने के लिए, आपको निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए:

LCP में सुधार:

  • तेज़ और अपडेटेड होस्टिंग सर्वर का यूज़ करे।
  • अपनी वेबसाइट पर काम साइज की इमेज और वीडियो का यूज़ करे।
  • कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क और ब्राउज़र कैशिंग का यूज़ करें।
  • CSS और JavaScript कोड शार्ट रखे जिससे पेज तेजी से लोड हो।

FID में सुधार:

  • अपनी वेबसाइट पर JavaScript शॉर्ट कोड का यूज़ करे।
  • अपडेटेड और तेज़ होस्टिंग चुनें।
  • ब्राउज़र कैशिंग और Lazy Loading को इनेबल करें।

CLS में सुधार:

  • अपनी वेबसाइट पर इमेज और वीडियो के साइज़ को फिक्स करें।
  • वेबसाइट पर फॉन्ट्स और इमेज को सही से यूज़ करे जिससे वेबपेज लेआउट पर कोई असर न पढ़े।
  • एड्स को सही स्थान पर शिफ्ट करे जिससे वेबपेज लेआउट पर कोई असर न पढ़े।

Core Web Vitals की रिपोर्ट कैसे देखें?

Core Web Vitals की रिपोर्ट देखने के लिए हम Google Search Console टूल्स का यूज़ करे।

  • सबसे पहले Google Search Console में लॉगिन करें।
  • इसकेबाद “Experience” सेक्शन में “Core Web Vitals” विकल्प चुनें।
  • यहां डेस्कटॉप और मोबाइल के लिए अलग-अलग रिपोर्ट दिखेगी।
  • इसमें LCP (Largest Content full Paint), FID (First Input Delay), और CLS (Cumulative Layout Shift) जैसे मेट्रिक्स की सारी जानकारी मिलेगी।
  • यदि हमारी वेबसाइट पर कोई समस्या होगी। तो यहाँ हमको पता चलेगा हमें किस पेज में सुधार की आवश्यकता है।

कोर वेब वाइटल्स को मापने के लिए टॉप टूल्स

Core Web Vitals को मापने के लिए बहुत सारे टूल्स उपलब्ध हैं। जो हमारी वेबसाइट की परफॉर्मेंस, यूजर एक्सपीरियंस और SEO को बेहतर बनाने में सहायता करते हैं। Core Web Vitals को मापने के लिए टॉप टूल्स ये है।

  • Google Search Console
  • GTmetrix
  • WebPageTest
  • Google PageSpeed Insights
  • Google Lighthouse

यह भी पढ़ें:-  

निष्कर्ष | Conclusion

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि इस लेख को पढ़कर आपको कोर वेब वाइटल्स की पूरी जानकारी मिल गई होगी। यदि आपके मन में इससे जुड़ा कोई सवाल है, तो कृपया कमेंट करके हमें बताएं। हम आपके सभी प्रश्नों का उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे। ऐसे ही ज्ञानवर्धक लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। हम प्रतिदिन नई तकनीकों पर लेख लिखते रहते हैं। ताकि आपको अपडेटेड जानकारी मिलती रहे। हमारे लेख को पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद!

FAQs:

Q1: Core Web Vitals क्या है?

Ans: Core Web Vitals गूगल द्वारा वेबसाइट के पेज अनुभव को मापने के लिए यूज़ किए जाने वाले एक सबसे महत्वपूर्ण मेट्रिक्स हैं। यह वेबसाइट की लोडिंग स्पीड, इंटरएक्टिविटी और विज़ुअल स्टेबिलिटी को मापते हैं।

Q2: Core Web Vitals के कौन-कौन से प्रमुख मेट्रिक्स हैं?

Ans:Core Web Vitals के प्रमुख मेट्रिक्स:

  • Largest Contentful Paint (LCP)
  • First Input Delay (FID)
  • Cumulative Layout Shift (CLS)
Q3: Core Web Vitals SEO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

Ans: Core Web Vitals गूगल के रैंकिंग एल्गोरिदम का एक हिस्सा हैं। अगर हमारी वेबसाइट इन सभी मेट्रिक्स में सही प्रदर्शन करती है। तो इससे सर्च इंजन में हमारी वेबसाइट की रैंकिंग बेहतर हो सकती है।

Q4: Core Web Vitals को कैसे चेक कर सकते हैं?

Ans: Core Web Vitals को चेक करने के लिए टॉप टूल्स:

  • Google Search Console
  • GTmetrix
  • Google PageSpeed Insights
  • Lighthouse Tool
  • Chrome DevTools
Q5: Core Web Vitals अपडेट कब लागू हुआ?

Ans: Core Web Vitals को गूगल ने जून 2021 में अपने सर्च एल्गोरिदम अपडेट में ऐड किया था।

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की सेवा करते हैं: वे व्यक्तिगत डायरी, पेशेवर पोर्टफोलियो, शैक्षिक संसाधन, या ब्रांड प्रमोशन के मंच हो सकते हैं। अधिकांश ब्लॉगों की अनौपचारिक और वार्तालाप शैली उन्हें पाठकों के लिए आकर्षक और संबंधित बनाती है। ब्लॉगिंग टिप्पणियों और सोशल मीडिया शेयरिंग के माध्यम से लेखक और दर्शकों के बीच बातचीत को भी सुविधाजनक बनाती है, जिससे समान विचार वाले व्यक्तियों का एक समुदाय बनता है। वर्षों से, ब्लॉगिंग एक शौक से सामग्री विपणन और ऑनलाइन सूचना साझाकरण के एक महत्वपूर्ण घटक में विकसित हुई है। यह व्यक्तियों और व्यवसायों को विश्वसनीयता स्थापित करने, सर्च इंजन दृश्यता में सुधार करने और अपने दर्शकों के साथ जुड़ने का एक साधन प्रदान करती है। उपयोग में आसान ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्मों के प्रसार के साथ, इंटरनेट तक पहुंच वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक ब्लॉग शुरू करना सुलभ हो गया है, जिससे एक विविध और जीवंत ब्लॉगिंग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हुआ है। History of Blogging | ब्लॉगिंग का इतिहास ब्लॉगिंग, जो “वेब लॉग” से निकला एक शब्द है, व्यक्तियों को इंटरनेट पर व्यक्तिगत कथाओं या लॉग्स को प्रकाशित करने का एक तरीका के रूप में शुरू हुआ था। ब्लॉगिंग के शुरुआती दिन, 1990 के दशक के अंत में, वेब पेजों के मैनुअल अपडेट्स से चिह्नित थे जिनमें प्रविष्टियाँ उलटे कालानुक्रमिक क्रम में सूचीबद्ध थीं। सामग्री में व्यक्तिगत डायरियों से लेकर विभिन्न विषयों पर टिप्पणियों तक की विविधता थी। 1999 में ब्लॉगर जैसे प्लेटफॉर्मों के आगमन ने प्रक्रिया को सरल बना दिया, जिससे गैर-तकनीकी उपयोगकर्ताओं को HTML या FTP को जाने बिना ब्लॉग्स को बनाने और बनाए रखने में सक्षम बनाया गया। जैसे-जैसे ब्लॉगिंग की लोकप्रियता में वृद्धि हुई, यह व्यक्तिगत जर्नल्स से एक विविध माध्यम में विकसित हुई जिसमें समाचार, ट्यूटोरियल्स, समीक्षाएँ, और बहुत कुछ शामिल था। 2000 के शुरुआती वर्षों में वर्डप्रेस जैसे प्लेटफॉर्मों के उदय ने सामग्री निर्माण को और अधिक लोकतांत्रिक बनाया और एक पेशेवर ब्लॉगिंग उद्योग के विकास को सक्षम बनाया। ब्लॉग्स परंपरागत मीडिया आउटलेट्स के प्रभाव और पहुँच में प्रतिस्पर्धी एक महत्वपूर्ण सूचना स्रोत बन गए। मध्य-2000 के दशक से वर्तमान तक ब्लॉगिंग ने सोशल मीडिया के साथ एकीकरण देखा है, जिससे सामग्री को साझा करने और उपभोग करने के तरीकों में विस्तार हुआ है। ट्विटर जैसे माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म और टम्बलर जैसे मल्टीमीडिया ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्मों ने नए प्रारूप और शैलियों का परिचय दिया। आज, ब्लॉगिंग व्यक्तिगत ब्लॉगर्स से लेकर बड़े पैमाने पर, पेशेवर वेबसाइटों तक व्यापक ऑनलाइन प्रकाशन को शामिल करती है जो ब्लॉग-शैली की सामग्री उत्पन्न करती हैं। The Future of Blogging | ब्लॉगिंग का भविष्य ब्लॉगिंग का भविष्य प्रौद्योगिकी में उन्नति, उपभोक्ता व्यवहार में परिवर्तन, और सामग्री उपभोग प्राथमिकताओं में बदलाव से आकार लेने की संभावना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग के उदय के साथ, वैयक्तिकृत सामग्री सृजन और क्यूरेशन अधिक प्रचलित हो जाएगा, जिससे ब्लॉगर्स अपनी सामग्री को अपने दर्शकों की विशेष रुचियों और जरूरतों के अनुसार ढाल सकेंगे। यह वैयक्तिकरण न केवल उपयोगकर्ता सगाई को बढ़ाएगा बल्कि सामग्री की खोजशीलता में भी सुधार करेगा। इसके अतिरिक्त, वीडियो, पॉडकास्ट, और इंटरैक्टिव पोस्ट सहित मल्टीमीडिया सामग्री, अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी, क्योंकि दर्शक अधिक आकर्षक और विविध प्रकार की सामग्री की तलाश करते हैं। यह परिवर्तन ब्लॉगर्स 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और आत्म-खोज के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में कार्य करती है। यह लेखकों को दुनिया के साथ अपने विचारों, अनुभवों और जुनूनों को साझा करने की अनुमति देता है, टिप्पणियों और सोशल मीडिया इंटरैक्शन के माध्यम से एक समुदाय और संलग्नता की भावना को पोषित करता है। इससे लेखन कौशल में सुधार, आत्मविश्वास में वृद्धि और यहां तक कि किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञ के रूप में पहचान भी हो सकती है। व्यवसायों के लिए, ब्लॉगिंग डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियों का एक अभिन्न अंग है। यह वेबसाइट ट्रैफिक को बढ़ावा देने, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) में सुधार करने और लीड्स उत्पन्न करने में मदद करता है। नियमित रूप से प्रासंगिक और मूल्यवान सामग्री प्रकाशित करके, व्यवसाय खुद को उद्योग के नेताओं के रूप में स्थापित कर सकते हैं और अपने दर्शकों के साथ विश्वास

Local SEO क्या है और कैसे करे | What is Local SEO in Hindi

हेलो दोस्तों आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को Local SEO के बारे में बताने जा रहे हैं। Local SEO क्या है।(What is Local SEO in Hindi) Local SEO हमारे बिज़नेस के लिए क्यों जरूरी है। इसके क्या क्या फायदे हैं। यह सब कुछ इस लेख के माध्यम से आप लोगों को विस्तार में बताएं। इस इंटरनेट के युग में अगर आप अपने बिजनेस को ऑनलाइन ग्रो करना चाहते हे। तो आपको Local SEO के बारे में जरूर जानकरी होनी चाहिए। अगर आपको Local SEO के बारे में जानकारी नहीं हे। तो किसी एरिया को टारगेट करके आप अपने बिज़नेस को ग्रो नहीं कर सकते। अगर आप अपने Local Area या शहर को टारगेट करके बिज़नेस में अपनी पकड़ बनाना चाहते है। और अपने बिज़नेस को जल्दी और आसानी से ग्रो करना चाहते हे। तो आपको Local SEO के बारे में जानना बहुत जरुरी हे। तो चलिए बिना देरी किये Step by Step जानते हैं। लोकल SEO के बारे जानते हे। Local SEO क्या है | What is Local SEO in Hindi. लोकल SEO कैसे करते हे। What is Local SEO in Hindi (Local SEO क्या है) Local SEO एक ऐसी technique है। जिसके माध्यम से हम अपने बिज़नेस और वेबसाइट को किसी लोकल एरिया। जैसे किसी शहर, या शहर के भी किसी एरिया को SERP में आसानी से रैंक करा सकते हे। इस डिजिटल युग में Local SEO किसी भी बिजनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से हम अपने बिज़नेस को किसी एरिया या किसी City को टारगेट करके आसानी से बढ़ा सकते हे। इसके माध्यम से हम कम बजट में अपने बिज़नेस को ग्रो कर सकते हे। Local SEO दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें Local का मतलब किसी लोकल एरिया या लोकेशन से हे। और SEO का मतलब Search Engine Optimization हे। इसके माध्यम से हम किसी सिटी या लोकेशन एरिया को टारगेट करके अपनी वेबसाइट का SEO कर सकते हे। अपनी वेबसाइट पर लोकेशन के पेज क्रिएट करके SERP में आसानी से रैंक करा सकते हे। Local SEO की परिभाषा | Definition of Local SEO जब हम किसी एरिया या शहर को टारगेट करके अपने बिजनस को SERP में Rank कराना ही Local SEO कहलाता है। Local SEO कैसे करें | How to do Local SEO यहाँ तक यह लेख पढ़कर आप Local SEO के बारे में समझ गए होंगे। तो चलिए अब जानेंगे Local SEO कैसे करते हे। हम आपको Local SEO करने के बारे Step by Step में बेस्ट तरीके बताऊंगा। इन टिप्स को फॉलो करके आप अपनी वेबसाइट का Local SEO कर सकते हे। और अपनी वेबसाइट की रैंकिंग SERP में इम्प्रूव कर सकते हे। तो चलिए जानते हे Local SEO के लिए कोनसे पॉइंट्स फॉलो करने चाहिए। अपने बिजनेस को GMB (Google My Business) पर लिस्ट करें। लोकेशन वाइज सही कीवर्ड का इस्तेमाल करें। Quality सर्विस देकर अच्छी रेटिंग प्राप्त करें। अपने बिजनस को सोशल मीडिया पर प्रमोट करें। Quality और Relevant Backlink बनाये। अपने बिजनेस को GMB (Google My Business) पर लिस्ट करें। Google My Business (GMB) गूगल का एक फ्री टूल है। जिस पर हम अपनी बिज़नेस की सम्पूर्ण ऐड करते है। जिसके माध्यम से लोगो को हमारी कंपनी को ऑनलाइन खोजने में मदद करता है। Local SEO में GMB का एक मुख्य रोल होता है। लोकेशन वाइज सही कीवर्ड का इस्तेमाल करें। Local SEO के माध्यम से हम अपने बिज़नेस के लोकेशन के अनुसार कीवर्ड्स क्रिएट करके बिज़नेस को जल्दी ग्रो कर सकते है। जब कोई व्यक्ति किसी शहर या उसके किसी क्षेत्र में किसी व्यवसाय या सर्विस की तलाश करता है। जब बह कीवर्ड्स का लोकल लोकेशन के साथ यूज़ करता है। उदाहरण के लिए, Best Hotel in Noida. Local SEO के फायदे | Benefit of Local SEO Business में लिए Local SEO करने में बहुत फायदे होते हैं। जिनमें बारे में हम आप लोगो को बिस्तार में बताएँगे। Local SEO के फायदे कुछ इस प्रकार हे। वेबसाइट का Local SEO करके आप किसी एरिया को टारगेट करके अपने बिज़नेस को लोकेशन वाइज जल्दी ग्रो कर सकते हे। लोकल SEO के माध्यम से आप कम पैसे और कम समय में अपने बिज़नेस को ग्रो कर सकते हे। वेबसाइट का Local SEO करके आप नए नए Local Customers जल्दी ऐड कर सकते हे। आप किसी लोकल एरिया को टारगेट करके अपने बिज़नेस के प्रति Customer trust बढ़ा सकते हे। आप Local SEO करके अपने बिज़नेस में Conversion बढ़ा सकते हे। अपनी वेबसाइट पर लोकेशन के पेज क्रिएट करके आप अपने पेज को SERP में टॉप पर रैंक करा सकते हे। Local SEO के महत्वपूर्ण टिप्स | Important Tips of Local SEO अपनी वेबसाइट का Local SEO करते समय इन Points को ध्यान में रखना बेहद जरुरी है। अपनी बिज़नेस का GMB (Google My Business)पर अकाउंट क्रिएट करे। अपने Business का Address सही डाले। अपने Business की केटेगरी सही चुने। कीवर्ड रिसर्च करके कीवर्ड का इस्तेमाल सही से करें। अपने बिज़नेस के Review और Rating पर ध्यान दें। Local SEO और SEO में अंतर | Difference Between Local SEO and SEO SEO: SEO के माध्यम से हम अपनी Website को World Wide SERP में आसानी से रैंक करा सकते हे। इसके माध्यम से हम अपने बिज़नेस को World Wide ग्रो कर सकते हे। Local SEO: Local SEO भी SEO का पार्ट हे। जिसके माध्यम से हम अपनी वेबसाइट को किसी एरिया या शहर को टारगेट करके आसानी से SERP में रैंक करा सकते हे। इसके माध्यम से हम लोकेशन वाइज अपने बिज़नेस को ग्रो कर सकते हे। Local SEO के रैंकिंग फैक्टर क्या हैं? SEO और Local SEO के Ranking Factors same ही रहते हे। SEO का यूज़ world wide रैंक कराने के लिए करते हे और Local SEO का यूज़ location वाइज रैंक करने के लिए करते हे। रैंकिंग के लिए Quality और Relevant बैकलिंक क्रिएट करे। लोकेशन वाइज On-Page SEO सही से optimize करे। GMB Google My Business पर प्रोफाइल क्रिएट करे। Social Media पर सही से branding करे। Conclusion | निष्कर्ष दोस्तो आशा करता हूं, यह आर्टिकल पढ़कर आप लोगों को Local SEO के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गई